मिडिल ईस्ट में बिगड़े हालात, अमेरिका ने ओमान में अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का दिया आदेश

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Iran US Israel War: पश्चिम एशिया में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. ईरान और अमेरिका-इजरायल की तरफ से ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच अमेरिका ने ओमान में काम कर रहे नॉन-इमरजेंसी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है.

सुरक्षा खतरों के कारण ओमान छोड़ने का दिया आदेश

अमेरिकी राज्य विभाग ने सभी गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और अपने सभी कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा खतरों के कारण ओमान छोड़ने का आदेश दिया है. इसके अलावा, गुरुवार को इराक में हुए रिफ्यूलिंग प्लेन क्रैश में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए. अमेरिकी रक्षा विभाग ने उन छह सेवा कर्मचारियों की पहचान कर ली है जो मारे गए थे.

13 अमेरिकी सैनिकों की हो गई मौत Iran US Israel War

मारे गए सैनिकों की पहचान मेजर जॉन ए क्लिनर (33), कैप्टन एरियाना जी सैविनो (31), टेक्निकल सार्जेंट एश्ले बी प्रुइट (34), कैप्टन सेठ आर कोवल (38), कैप्टन कर्टिस जे एंगस्ट (30) और टेक्निकल सार्जेंट टायलर एच सिमंस (28) के तौर पर हुई है. रक्षा विभाग ने कहा है कि मामले में घटना की जांच चल रही है. इस क्रैश से ईरान के खिलाफ युद्ध में मरने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम से कम 13 हो गई, जबकि सात अन्य लड़ाई में मारे गए. पेंटागन के अनुसार, लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें आठ गंभीर रूप से घायल हैं.

इन हमलों का आरोप ईरानी सेना के ऊपर लगा रहे

ईरान के खतम अल-अनबिया हेडक्वार्टर ने अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया है कि वे इलाके में हमलों के लिए ईरानी शाहेद ड्रोन, लुकास ड्रोन की कॉपी का इस्तेमाल कर रहे हैं. ईरानी अधिकारियों ने ये भी दावा किया कि अमेरिका-इजरायल इन हमलों का आरोप ईरानी सेना के ऊपर लगा रहे हैं. आईआरआईबी ब्रॉडकास्टर के एक बयान में कमांड ने कहा, “इसके उदाहरण हाल के दिनों में पड़ोसी और दोस्त देशों जैसे तुर्किए, कुवैत और इराक के केंद्रों पर हुए खतरनाक हमले हैं और उसका आरोप ईरानी सेना को दिया जा रहा है.”

क्या था इस रणनीति का मकसद

बयान में कहा गया है कि इस रणनीति का मकसद ईरानी सेना के “रक्षा, कानूनी और लेजिटिमेट एक्शन” को कमजोर करना और तेहरान और उसके पड़ोसियों के बीच कलह और फूट पैदा करना था. इससे इतर कुवैती नेशनल गार्ड का कहना है कि उसने पिछले 24 घंटों में पांच ड्रोन मार गिराए हैं. इससे पहले, कुवैती अधिकारियों ने कहा था कि ड्रोन ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया, जिससे उसके रडार सिस्टम का एक हिस्सा खराब हो गया. उन्होंने यह भी कहा कि दो मिसाइलों ने अहमद अल-जबर एयरबेस के आस-पास हमला किया, जिसमें तीन सैनिक घायल हो गए.

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