New Delhi: सोशल मीडिया पर दावों के बीच भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपना स्पष्टीकरण जारी किया है. MEA ने उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमले के लिए सैन्य सहायता मांगी है. मंत्रालय ने इसे फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए लोगों से ऐसी भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की अपील की है.
झूठे और निराधार दावों व पोस्ट से सावधान रहें
MEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट कहा कि ‘Fake News Alert! कृपया इस तरह के झूठे और निराधार दावों व पोस्ट से सावधान रहें.’ मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि इस तरह की खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और इन्हें जानबूझकर भ्रामक माहौल बनाने के लिए फैलाया जा रहा है.
सैन्य संसाधनों के उपयोग की अनुमति मांगी
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया गया कि अमेरिका ने भारत से पश्चिमी भारत में सैन्य संसाधनों के उपयोग की अनुमति मांगी है, जिसका इस्तेमाल ईरान पर बमबारी के लिए किया जाएगा. इस दावे को कुछ लोगों ने लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) से जोड़कर भी पेश किया. हालांकि, MEA की सफाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह दावा पूरी तरह से निराधार है.
अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर भ्रम
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फर्जी खबरें अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेकर भ्रम पैदा कर सकती हैं और जनता में अनावश्यक चिंता बढ़ा सकती हैं. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें.
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