‘बहुत खून बह चुका, बहुत पीड़ा…’, सूडान के अस्पताल पर हमले में 64 लोगों की मौत पर बोले WHO चीफ

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran War Crisis: सूडान के पूर्वी दारफुर में एक अस्पताल पर हुए हमले में कम से कम 64 लोग मारे गए, जिनमें 13 बच्चे शामिल थे. वहीं 89 लोग घायल हैं. इसकी जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से दी गई है. वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष से जूझ रहे इस देश में स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते हमलों को लेकर चेतावनी दी है. यह हमला अल-दाइन टीचिंग हॉस्पिटल को निशाना बनाकर किया गया था, जो इस इलाका का प्रमुख अस्पताल है.

WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने बताया कि मृतकों में कई मरीजों के साथ-साथ दो महिला नर्स और एक पुरुष डॉक्टर भी शामिल हैं. इस हमले से अस्पताल के पीडियाट्रिक, मैटरनिटी और इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह तबाह हो गए हैं. यह इस इलाके का मुख्य अस्पताल था जो अब काम करने की स्थिति में नहीं है, जिससे हजारों लोगों से जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं छिन गई हैं.

शांति ही सबसे अच्छी दवा

डॉ. टेड्रोस ने इस क्रूर हमले की निंदा करते हुए कहा कि ‘बहुत खून बह चुका है और बहुत पीड़ा दी जा चुकी है. अब सूडान में संघर्ष को कम करने और नागरिकों व स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का समय आ गया है.’ साथ ही उन्‍होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्वास्थ्य सुविधाएं कभी भी निशाना नहीं होनी चाहिए और समुदायों के लिए शांति ही सबसे अच्छी दवा है.

डराने वाला है अस्पतालों पर हमले का आंकड़ा

सूडान में अस्पतालों को निशाना बनाने का यह सिलसिला बेहद डराने वाला है. WHO के डाटा के अनुसार, सूडान युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुए 213 हमलों में 2,036 मौतों की पुष्टि की जा चुकी है. साल 2023 में 64 हमलों में 38 मौतें हुईं, वहीं 2024 में 72 घटनाओं में 200 लोगों ने जान गंवाई. 2025 के आंकड़े सबसे भयानक हैं. इस साल अब तक 65 हमलों में 1,620 मौतें हो चुकी हैं. यह दुनियाभर में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हुए हमलों में होने वाली मौतों का 82 प्रतिशत हिस्सा है.

यूएन ने भी जताई चिंता

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है. इस दौरान उन्‍होंने चेतावनी दी है कि पूरे सूडान में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले बढ़ रहे हैं. अपनी रिपोर्ट में, संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि ऐसी घटनाओं से सूडान की पहले से ही कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था और भी ज्यादा पंगु हो रही है, क्योंकि असुरक्षा और चीजों की कमी के कारण कई अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, नष्ट हो गए हैं या उन्हें बंद करना पड़ा है.

क्या है सूडान संकट की जड़?

सूडान में अप्रैल 2023 से सूडानी सेना और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज  के बीच हिंसक संघर्ष चल रहा है, जिसने दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है. फिलहाल अल-दाइन सहित समेत दारफुर के ज्यादातर हिस्सों पर RSF का कंट्रोल है और लड़ाई तेज होने के कारण हाल के हफ्तों में सूडानी सेना द्वारा यहां लगातार हमले किए जा रहे हैं. इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं. 1.2 करोड़ से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं और 3.3 करोड़ से अधिक लोगों को तत्काल मानवीय सहायता की दरकार है.

इसे भी पढें:-पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच श्रीलंका में एक बार फिर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी, बस सेवाएं प्रभावित

Latest News

रामगढ़ताल में गूंजी खिलाड़ियों की हुंकार, 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का भव्य आयोजन

गोरखपुर के रामगढ़ताल में 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया गय. 20 राज्यों के 273 से...

More Articles Like This

Exit mobile version