Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ब्रिटेन से रिश्ते अब पहले जैसे नहीं रहे. ट्रंप ने ईरान पर इसराइली और अमेरिकी हमलों के मामले में ब्रिटेन के रुख़ पर नाराज़गी जताई है. अख़बार द सन से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मददगार नहीं रहे हैं. मैंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा. मुझे नहीं लगा था कि ब्रिटेन से ऐसा देखने को मिलेगा. इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि यह देखना बहुत दुखद है कि रिश्ते अब पहले जैसे नहीं रहे.
सत्ता परिवर्तन पर यक़ीन नहीं करती सरकार
दरअसल, सोमवार को स्टार्मर ने संसद में कहा था कि उनकी सरकार हवाई हमलों के ज़रिए किसी देश में सत्ता परिवर्तन पर यक़ीन नहीं करती है. शुरुआत में ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी थी लेकिन बाद में रक्षात्मक हमलों के लिए इन्हें खोल दिया.
यूके का रुख़ दूसरों से काफ़ी अलग
ट्रंप ने कहा कि फ़्रांस शानदार रहा है. बाकी सभी भी अच्छे रहे हैं. लेकिन यूके का रुख़ दूसरों से काफ़ी अलग रहा है. ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्टार्मर ने ब्रिटेन के हवाई अड्डों को हमलों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने में बहुत देर कर दी. ट्रंप ने कहा कि ब्रिटिश पीएम को अपने ही देश में विरोध का डर सताने लगा था कि इसलिए अब वो अपना बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दे रहे हैं.
चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा
गार्सिया द्वीप हिंद महासागर में चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. कीर स्टार्मर का चागोस आइलैंड्स बेस का इस्तेमाल करने से अमेरिकी सेना को रोकना कष्टदायक है. शायद ब्रिटिश पीएम इसकी वैधानिकता को लेकर नाराज थे.
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