Netherlands New PM Rob Jetten: प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के नवनियुक्त पीएम रॉब जेटन को दी बधाई

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के नए प्रधानमंत्री रॉब जेटन को पदभार संभालने पर बधाई दी. 38 वर्षीय रॉब जेटन ने देश के राजा के समक्ष प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. पिछले चार वर्षों में यह तीसरी बार है जब नए डच कैबिनेट ने शपथ ग्रहण किया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर लिखा, रॉब जेटन को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री का पद संभालने पर बधाई. भारत और नीदरलैंड के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बहुत अच्छे संबंध हैं. मैं आपके साथ मिलकर काम करने और हमारे दोनों देशों और लोगों के बीच बढ़ते संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं.

शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार

बताया जा रहा है कि रॉब जेटन तीन दलों के गठबंधन से बनी अल्पमत सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. किंग विलेम-अलेक्जेंडर ने उनके मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसके बाद सभी मंत्री अपने-अपने मंत्रालयों में जाकर कार्यभार संभालने लगे. परंपरा के अनुसार, पुरुष सदस्य राजा के समक्ष मॉर्निंग कोट पहनकर पहुंचे और समारोह के बाद औपचारिक पोशाक बदल ली. शपथ ग्रहण समारोह द हेग स्थित ह्यूस टेन बॉश पैलेस में आयोजित हुआ. इसके तुरंत बाद नए मंत्रिमंडल ने महल की सीढ़ियों पर राजा के साथ आधिकारिक तस्वीर भी खिंचवाई.

संसद में कम बहुमत की चुनौती

हालांकि, गठबंधन में शामिल तीनों दलों के पास 150 सदस्यीय निचले सदन में कुल मिलाकर केवल 66 सीटें ही हैं, जिससे सरकार को कानून पारित कराने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इस वजह से उन्हें कोई भी कानून पास करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी और लगभग हर बिल को पास कराने के लिए विपक्षी सांसदों पर निर्भर रहना पड़ेगा.

गठबंधन बनने की प्रक्रिया

बता दें, नीदरलैंड की तीनों सियासी दलों के नेताओं ने चुनावी नतीजों के तीन महीने बाद जनवरी 2026 में एक नए गठबंधन समझौते पर सहमति जताई थी. इससे चुनाव के लगभग तीन महीने बाद एक अनोखी अल्पमत सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ, जिसमें मध्यमार्गी डी66 पार्टी को बढ़त मिली. रॉब जेटन लिबरल-प्रोग्रेसिव और यूरोप समर्थक डी66 पार्टी का नेतृत्व करते हैं.

विपक्ष को दी कड़ी चुनौती

उन्होंने रूढ़िवादी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स और दक्षिणपंथी वीवीडी के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है, जिसके पास 150 सदस्यीय निचले सदन में केवल 66 सीटें हैं. इस नए गठबंधन ने गीर्ट वाइल्डर्स के नेतृत्व वाली इस्लाम-विरोधी दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (पीवीवी) को कड़ी चुनौती दी. अक्टूबर में हुए कड़े मुकाबले वाले चुनाव में डी66 ने बेहद कम अंतर से बढ़त हासिल की थी. दोनों दलों को 26-26 सीटें मिली थीं, लेकिन बाद में पीवीवी के सात सांसद पार्टी छोड़कर अलग हो गए, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल गए.

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