इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग के लिए PM Modi ने किया आमंत्रित

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश करने, मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां स्थापित करने और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने के अवसर तलाशने का निमंत्रण दिया. यह जानकारी गुरुवार को सामने आई. प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ विभिन्न क्षेत्रों में इजरायल की अग्रणी तकनीकों को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का दौरा किया. प्रदर्शनी में एग्री-टेक, वॉटर-टेक, क्लाइमेट-टेक, हेल्थ-बायोटेक, स्मार्ट मोबिलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम तकनीक जैसी नवीन खोजें शामिल थीं.

नवाचार और स्टार्टअप साझेदारी पर जोर

नवोन्मेषकों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदर्शित अत्याधुनिक तकनीकों में भारत-इजरायल नवाचार, स्टार्टअप और व्यापार साझेदारी को नई ऊंचाई देने की अपार क्षमता है. खासकर कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं. दोनों देश इंडिया-इजरायल इनोवेशन ब्रिज पहल के तहत आधुनिक चुनौतियों का समाधान विकसित करने के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों, टेक उद्यमियों और कई कंपनियों के सीईओ से बातचीत की.

क्वांटम और एआई तकनीकों की झलक

उन्हें क्वांटम मशीन ने इजरायली क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर (आईक्यूसीसी) के बारे में जानकारी दी, जबकि क्लासीक कंपनी ने बताया कि वह क्वांटम सॉफ्टवेयर विकास को कैसे आसान बना रही है. आधिकारिक बयान के अनुसार, एआईएसएपी नामक स्टार्टअप ने अपनी एआई आधारित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रदर्शन किया, जो तुरंत जांच और मार्गदर्शन प्रदान करती है. इजरायल के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के होराइजन स्कैनिंग डिवीजन ने टेक स्काउट नामक एआई टूल पेश किया, जो रणनीतिक जोखिमों की पहचान और रुझानों के विश्लेषण में मदद करता है.

सुरक्षा, जल और कृषि समाधान भी प्रदर्शित

टेक कंपनी मोबाइलआई ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से अपनी उन्नत सेंसर और चिप आधारित तकनीक का प्रदर्शन किया. वहीं चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज ने अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा समाधानों और भारत के साथ अपने सहयोग पर जानकारी दी. वाटरजेन ने हवा से पीने योग्य पानी तैयार करने वाली तकनीक पेश की, जबकि एन-ड्रिप ने गुरुत्वाकर्षण आधारित माइक्रो-इरिगेशन सिस्टम दिखाया. नेचुरल ऑफसेट फार्मिंग (एनओएफ) ने बिना बिजली के फसल कटाई के बाद होने वाले खाद्य नुकसान को कम करने के उपाय प्रदर्शित किए.

बायोटेक, पर्यावरण और अंतरिक्ष तकनीक पर फोकस

इसके अलावा रेमिल्क ने लैब में तैयार दूध प्रोटीन के लिए प्रिसिजन फर्मेंटेशन तकनीक प्रस्तुत की, जबकि बारएल्गी ने मशीन लर्निंग आधारित माइक्रोएल्गी उत्पादन प्रणाली दिखाई. मायनोरा बायो ने विशेष बायो-कन्वर्जन एडिटिव्स के जरिए प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन का समाधान पेश किया. जियोफिजिकल इंस्टीट्यूट (जीआईआई) ने खनिज संसाधनों के आकलन के लिए हाई-रिजॉल्यूशन मॉडलिंग तकनीक प्रदर्शित की. वहीं इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने छोटे संचार उपग्रहों और उन्नत सिंथेटिक एपर्चर रडार प्रणाली की क्षमताओं को सामने रखा.

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