PoK से आसिम मुनीर की आर्मी को भगाने की पूरी तैयारी, सेना हटाओ का हो गया शंखनाद

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

PoK Protest: पाकिस्तान की जबरन हुकूमत से तंग आ चुका PoK आजाद होने को बेताब है. आसिम मुनीर और शहबाज सरकार की ज्यादती से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का गुस्सा फूट पड़ा है. ऐसे में अब सड़कों पर आर-पार की लड़ाई हो रही है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देने लगी है. यहां तक की अब पीओके से आसिम मुनीर की आर्मी को भगाने की तैयारी हो चुकी है.

दरअसल, पीओके में जिस तरह से हर जगह पर पाकिस्तानी आर्मी का कब्जा है, उससे आजादी का शंखनाद हो चुका है. जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी ने आसिम मुनीर की बैंड बजाने की मुनादी कर दी है. अब पीओके में नए सिरे से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होगा, जिसका मकसद सुरक्षाबलों की तैनाती और नाकेबंदी को हटाना.

ब्रिटेन और यूरोप में भी एकजुटता मार्च

दरअससल, जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने PoK में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का नया आह्वान किया है, जो सुरक्षा बलों की तैनाती और नाकेबंदी के वजह से बुनियादी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित किए जाने के खिलाफ है. रावलाकोट में हुई एक अहम बैठक में आसिम मुनीर की आर्मी के खिलाफ प्लान बन गया. इस दौरान आंदोलन के नेता उमर नजीर कश्मीरी ने छात्रों, अभिभावकों और सिविल सोसाइटी से क्षेत्र में होने वाले बड़े धरना-प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की. उन्होंने यह भी बताया कि इसके समर्थन में ब्रिटेन और यूरोप में भी एकजुटता मार्च आयोजित किए जाएंगे.

शिक्षा पर रोक और अस्पतालों की नाकेबंदी मुख्य मुद्दा

पीओके में प्रदर्शन की मुख्य वजह सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के कारण आम जनजीवन में आ रही बाधा है. JKJAAC का कहना है कि संवेदनशील जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख चिकित्सा केंद्रों पर कब्जा कर लिया है. इसके अलावा कर्फ्यू और सुरक्षा नाकेबंदी के कारण लोगों को जरूरी इलाज और शिक्षा तक पहुंचने में परेशानी हो रही है. ऐसे में कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुरक्षा घेराबंदी के कारण बीमार और घायल नागरिक या तो अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं या उन्हें वहां से वापस लौटना पड़ रहा है. इसके अलावा, हजारों छात्र अपनी कक्षाओं में नहीं जा पा रहे हैं.

स्थानीय लामबंदी और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता

दरअसल, JKJAAC ने अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए कई स्तरों पर प्रदर्शन की योजना बनाई है. ऐसे में संगठन की मांग है कि सुरक्षा नाकेबंदी हटाई जाए और बुनियादी सार्वजनिक सेवाएं बहाल की जाएं. इसके लिए कई चरणों वाली प्रदर्शन योजना तैयार की गई है.

ब्रिटेन और यूरोप में भी मार्च

JKJAAC ने क्षेत्र की PoK की स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की भी तैयारी की है. संगठन ने ब्रिटेन के बर्मिंघम और इटली में एकजुटता मार्च आयोजित करने की घोषणा की है. नेतृत्व ने यूरोप में रह रहे कश्मीरी प्रवासियों से बड़ी संख्या में इन प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है. संगठन का कहना है कि इन मार्च के जरिए कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और प्रशासनिक नाकेबंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा.

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