भारत को धमकी देने वालों को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा… पुतिन ने पश्चिमी देशों को दी चेतावनी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia India Relation: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर भारत की संप्रभुता और रणनीतिक स्वायत्तता का खुलकर समर्थन किया है. इस दौरान उन्होंने पश्चिमी देशों को मैसेज दिया है कि भारत पर तिरछी नजर रखना भारी पड़ सकता है. पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत पर प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाने की कोई भी कोशिश उलटी पड़ेगी और ऐसा करने वालों को इसका खामियाजा खुद भुगतना होगा. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और वह अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेता है.

राष्ट्रपति पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में बोलते हुए कहा कि भारत ने हमेशा अपने देश के हितों को सर्वोपरि रखा है. साथ ही रूस के साथ मजबूत होते रिश्तों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रहे दबाव के बावजूद, पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत झुकने वाला नहीं है. भारत हमेशा एक संप्रभु देश के तौर पर काम करता रहा है. पीएम मोदी के नेतृत्व में अगर कोई भारत को प्रतिबंधों की धमकी देने की कोशिश करेगा, तो उसका ‘बूमरैंग’ यानी दांव उल्टा पड़ जाएगा.”

रक्षा और आर्थिक फैसलों में भारत पूरी तरह स्वतंत्र: पुतिन

इतना ही नही, उन्होंने आगे कहा कि दुनिया का कोई भी देश भारत को यह नहीं बता सकता कि उसे किसके साथ व्यापार करना है और किससे हथियार खरीदने हैं. संप्रभु देशों को अपने रक्षा और आर्थिक साझेदार चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए. ऐसे में जो भी उत्पाद या तकनीक भारत को अपने लिए सबसे आधुनिक और उपयोगी लगती है, उसे चुनने का उसे पूरा हक है. दुनिया में कोई कुछ भी कहे, भारत हमेशा से इसी तरह स्वतंत्र रूप से काम करता आया है.

पुतिन ने कहा कि हमें कोई यह निर्देश नहीं दे सकता कि ‘भारत को यह सामान मत दो.’ कोई भी हमें डिक्टेट नहीं कर सकता. रूस हमेशा अपने साझेदारों, खास तौर से भारत जैसे देशों से किए गए वादों और समझौतों पर पूरी तरह अडिग रहेगा.

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