खुद सुलझाओ…भारत के साथ विवाद मामले को लेकर रूस ने पाकिस्‍तान को झिड़का, मध्यस्थता से किया इनकार

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Pakistan Relation: आतंकियों के पनाहगार पाकिस्तान को अब रूस से कड़ी फटकार मिली है. भारत के साथ पाकिस्‍तान के बढ़ते तनाव को देखते हुए रूस ने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि वो इसमें मध्यस्थता नहीं करेगा. रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों देशों को खुद इस विवाद को सुलझाना चाहिए. साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा है कि रूस केवल तभी मदद करेगा जब कोई देश विशेष रूप से अनुरोध करे.

हाल ही में सामने आया रूस का ये बयान पाकिस्‍तान के लिए ये सख्‍त संकेत माना जा रहा है कि तनाव का समाधान खुद बातचीत से निकाले, ना कि मदद के लिए दूसरे देशों की चौखट पर जाए. वहीं, भारत के कूटनीतिक सहारा माना जा रहा है.

मध्यस्थ की भूमिका पर रूस की क्या राय?

दरअसल पाकिस्तान, भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की भूमिका निभाने को लेकर किए गए सवाल पर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि रूस मध्यस्थ के रूप में कार्य नहीं करता है. हालांकि, यदि ये देश अनुरोध करते हैं, तो हम उनके बीच किसी भी मतभेद को सुलझाने में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तैयार हैं.

पाकिस्‍तान-रूस के बीच हुई कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें

बता दें कि मॉस्को सदैव इस बात पर जोर देता रहा है कि इस्लामाबाद को 1972 के शिमला और 1999 के लाहौर घोषणापत्र की भावना के अनुरूप द्विपक्षीय रूप से अपनी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. विदेश मंत्रालय ने कहा कि 2025 में, रूस और पाकिस्तान के नेतृत्व स्तर पर कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें हुईं, जिनमें चीन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की बैठक भी शामिल है.

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, राजनीतिक संपर्कों की यह सघनता निस्संदेह दोनों देशों की पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग का विस्तार करने की इच्छा को दर्शाती है. आर्थिक मोर्चे पर, 2025 की सबसे महत्वपूर्ण घटना व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग पर रूसी-पाकिस्तानी अंतर-सरकारी आयोग की 10वीं बैठक थी.

इन परियोजनाओं पर चल रहा काम

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जिन आशाजनक परियोजनाओं पर काम चल रहा है उनमें सोवियत सहायता से निर्मित कराची मेटलर्जिकल प्लांट का जीर्णोद्धार, फार्मास्यूटिकल्स (विशेष रूप से इंसुलिन उत्पादन) में सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे के भीतर प्रायोगिक अंतरमहाद्वीपीय माल परिवहन का आयोजन शामिल हैं.

व्यापार और आर्थिक सहयोग का विकास

मंत्रालय ने कहा कि साल 2030 तक रूस और पाकिस्तान के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग के विकास के लिए एक कार्यक्रम को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. पाकिस्तान में तेल और गैस परियोजनाओं में रूसी कंपनियों की भागीदारी के साथ-साथ घरेलू ऊर्जा आपूर्ति की व्यवस्था करने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है. साथ ही ये भी कहा गया है कि तातारस्तान गणराज्य और प्रिमोर्स्की क्राई सहित कई रूसी क्षेत्र पाकिस्तानी प्रांतों के साथ प्रत्यक्ष सहयोग विकसित करने में रुचि रखते हैं.

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