Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने अपने देश वापस लौटने का ऐलान किया है. दरअसल, मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा है कि मैं इसी साल अपने मुल्क लौटूंगी. बता दें कि उन्हें बांग्लादेश में मौत की सजा सुनाई गई है. उनके खिलाफ उसी मुल्क में कई मुकदमे चल रहे हैं, जहां कि वह कई बार प्रधानमंत्री रहीं और उसका गठन उनके पिता मुजीबुर रहमान ने किया था.
शेख हसीना ने कहा कि मेरी पार्टी सिर्फ एक संगठन नहीं है बल्कि फोर्स है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमला तो बांग्लादेश की आजादी पर भी हमला है. 23 जून को ही उनकी पार्टी अवामी लीग का स्थापना दिवस था. इस मौके पर बांग्लादेश में अवामी लीग के दर्जनों कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया गया था.
सत्ता के लिए राजनीति नहीं करतीः शेख हसीना
उन्होने कहा कि मेरे खिलाफ दिया गया फैसला न्याय नहीं है, बल्कि एक अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है. न्यायपालिका को राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार बना दिया गया है, जिससे अवामी लीग को नेतृत्वविहीन किया जा सके. ऐसे प्रयास पहले भी हुए हैं और असफल रहे हैं.
पूर्व पीएम ने कहा कि मैं मौत से नहीं डरती. साल 1975 में मैंने अपने माता-पिता, भाइयों और लगभग पूरे परिवार को खो दिया. 21 अगस्त को मुझ पर ग्रेनेड हमला हुआ था. मेरे खिलाफ अनेक साजिशें रची गईं, लेकिन हर बार मैं लोगों के साथ खड़ी रही. जनता ने मुझे 5 बार प्रधानमंत्री चुना और मैंने देश के विकास के लिए काम किया. इसलिए मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि सभी बाधाओं और साजिशों को पार करते हुए मैं इस वर्ष अपने देश लौटूंगी.

