स्पेन में हमें भूख, थकान और बुरा बर्ताव ही मिला, 3 दिन सिर्फ पानी पीकर रहे, मोरक्को लौटते छलका लोगों का दर्द

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Spain-Morocco: मोरक्को से स्पेन के स्यूटा आने वाले कई प्रवासी अब वापस अपने घर लौट रहे हैं. हाल ही में जो प्रवासी तैरकर या बाड़ फांदकर स्पेन के इलाके स्यूटा में घुसे थे, वे अब अपने घर लौट रहे है. रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोगों का कहना था कि भूख, थकान और स्थानीय लोगों के बुरे बर्ताव ने यूरोप में नई जिंदगी शुरू करने की उनकी उम्मीदें तोड़ दी हैं.

वापस लौट रहे लोगो ने बताया कि वे शुरू में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और दोस्तों के मैसेज से प्रभावित होकर आए थे, जिनमें कहा गया था कि कड़ी सुरक्षा वाली सीमा को पार किया जा सकता है. लेकिन स्यूटा पहुंचने के बाद, कई लोगों ने कहा कि उन्हें स्पेन की मुख्य भूमि तक आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं मिला.

मोरक्को में फेज के एक बेकरी वर्कर, ब्राहिम ने कहा कि “हम तरक्की करने आए थे, बेवकूफ बनने नहीं.मुझे लगा था कि मैं वहां अपना बेहतर भविष्य बना पाऊंगा. लेकिन स्यूटा में मुझे हैरानी हुई.” उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और हजारों लोगों को ऐसा करते हुए देखकर बॉर्डर पार कर लिया. वे कहते हैं.” ब्राहिम ने बताया कि वह 3 दिन तक केवल पानी पीकर जिंदा रहे और स्पेन की तरफ खाने की ऊंची कीमतें नहीं चुका सकते थे. ट्यूना सैंडविच 100 दिरहम यानी 10 डॉलर में बिक रहा है.

‘एक जेल जैसा था स्यूटा…’

स्यूटा के सामने बसे मोरक्को के शहर फनिदेक में बॉर्डर क्रॉसिंग की ओर जाने वाली सड़कें लगभग खाली नजर आईं. यह उस भीड़ से बिल्कुल अलग नजारा था, जो गुरुवार को वहां जमा हुई थी. युवक हाईवे से होते हुए बॉर्डर से दूर जा रहे थे, जहां कई दिनों से दुकानें भी बंद थीं, जिससे उन्हें खाने-पीने की चीज़ें ढूंढनी पड़ रही थीं, जबकि उनके भीगे हुए कपड़े सड़कों पर सूख रहे थे. मोरक्को के टैंगर मेड पोर्ट पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने कहा, “स्यूटा एक जेल जैसा था, वहां करने के लिए कुछ नहीं था. सब कुछ बंद था.”

‘मैं यहीं मर जाना पसंद करूंगा…’

इसके अलावा, सूडान के रहने वाले मोहम्मद अहमद ने बताया कि एक ट्रक ने उन्हें और दूसरे प्रवासियों को बॉर्डर के पास छोड़ दिया, जिसके बाद वे चार घंटे तक तैरकर स्यूटा पहुंचे. पुलिस उन्हें माइग्रेशन सेंटर जाने वाली सड़क पर जाने से रोक रही थी, लेकिन वे स्पेन में ही रहने के अपने इरादे पर डटे रहे. वे कहते हैं कि मैं वापस नहीं जाऊंगा. मैं यहीं कोशिश करते हुए मर जाना पसंद करूंगा.”

उन्होंने आगे कहते हैं कि “मेरे देश में आंतरिक संकट शूरू होने के बाद से मैं वहां पर नहीं हूं.  मैं मीडिया में खबरें देख रहा था, हजारों की तादाद में लोग आ रहे हैं. मैं ऐसी स्थिति में अपने देश कैसे जाऊं, जहां पर क्राइसिस चल रही है. क्या आप ऐसे देश में लोगों को वापस भेज सकते हैं, जहां पर पहले से ही संकट जारी है.”

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