Auckland: भारत के टी20 उप-कप्तान तिलक वर्मा का कहना है कि वह अपने नेतृत्व रोल का भरपूर आनंद ले रहे हैं. वह मैदान पर कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ अपने सुझाव साझा करते रहते हैं. टी20 विश्व कप 2026 के बाद नेतृत्व में किए गए बदलावों के तहत श्रेयस को कप्तान और तिलक वर्मा को भारत की टी20 टीम का उप-कप्तान बनाया गया था. तिलक के पास अपनी राज्य टीम हैदराबाद के लिए सभी प्रारूपों में कप्तानी करने का अनुभव है और वह ‘भारत ए’ टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं.
मैंने अपनी राज्य टीम के लिए हर प्रारूप में कप्तानी की
उन्होंने भारतीय टी20 टीम में अपनी नेतृत्व भूमिका के बारे में बात करते हुए बताया कि वह किस तरह मौजूदा कप्तान के साथ अपने सुझाव साझा करते हैं. ऑकलैंड के ईडन पार्क में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के चौथे टी20 मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक ने कहा कि मैंने अपनी राज्य टीम के लिए हर प्रारूप में कप्तानी की है. पिछले एक साल से मैं ‘भारत ए’ के लिए भी कप्तानी कर रहा हूं. इसी वजह से मेरे पास वह अनुभव और जानकारी है. मैं जो भी सुझाव दे सकता हूं, वह हमेशा मैदान पर श्रेयस तक पहुंचाता हूं.
टी20 एक दबाव वाला खेल
तिलक ने आगे कहा कि टी20 एक दबाव वाला खेल है. आजकल तो हमेशा ही दबाव रहता है क्योंकि मैच बहुत हाई-स्कोरिंग होते हैं. ऐसे में एक कप्तान के लिए हर चीज पर नजर रखना मुश्किल होता है. इसी कारण मैं अय्यर से बातचीत करता हूं और जहां भी हो सके, उनकी मदद करता हूं। वह भी मुझसे पूछते हैं, तो मैं अपनी इन छोटी-छोटी भूमिकाओं का आनंद ले रहा हूं. तिलक ने यह भी बताया कि उन्हें मैदान पर फील्डिंग करना पसंद है.
फील्डर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड
न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के दौरान तिलक ने एक कैलेंडर वर्ष में एक फील्डर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड बनाया. 2026 में उन्होंने अब तक 26 कैच पकड़े हैं, जो पिछले साल इंडोनेशिया के डैनिलसन हावो द्वारा बनाए गए 25 कैच के रिकॉर्ड से अधिक है. तिलक ने कहा कि मैं बचपन से ही एक अच्छा फील्डर रहा हूं. जब भी मैं फील्डिंग की प्रैक्टिस करता हूं, तो मुझे यह कभी बोझ नहीं लगता. विदेशों में खेलते समय हवा चलती है, ठंड होती है और गेंद हवा में डगमगाती है, लेकिन मुझे हमेशा फील्डिंग करने में सचमुच आनंद आया है.
कभी कोई शिकायत नहीं करता
मैदान पर लंबे समय तक रहने को लेकर मैं कभी कोई शिकायत नहीं करता. आप जितना ज्यादा मजा लेकर खेलते हैं, नतीजे उतने ही बेहतर मिलते हैं. एथलेटिक होने से स्वाभाविक रूप से मदद मिलती है. मैदान पर मुझे जिम्मेदारी लेना और तेजी से दौड़ना पसंद है, जहां भी फील्डिंग के अहम हिस्से होते हैं, मैं तुरंत वहां पहुँच जाता हूं. भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा कि टीम को भी मेरी कैच पकड़ने की क्षमता पर भरोसा है, इसलिए वह मुझे उन अहम जगहों पर तैनात करना पसंद करते हैं. इससे मुझे रन रोकने और कैच पकड़ने के ज्यादा मौके मिलते हैं. जब आप शानदार कैच पकड़ते हैं, तो दर्शकों और फैंस को भी बहुत आनंद आता है.
इसे भी पढ़ें. UP: हिंसा करने वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी? योगी सरकार ने बदले कैरेक्टर सर्टिफिकेट के नियम