Middle East War: ईरान के ऐलान के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भड़क उठा है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी देशों में मौजूद 18 दिग्गज अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा. इसके लिए ईरान, UAE की जमीन का इस्तेमाल करेगा. UAE पहले से ही ईरान जंग में कूदने का मन बना रहा था, लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि UAE जंग में कूदने का ऐलान कभी भी कर सकता है.
कर्मचारियों को तुरंत दफ्तर खाली करने की सलाह
IRGC ने साफ कर दिया है कि तेहरान के समयनुसार आज रात 8:00 बजे के बाद इन कंपनियों पर ‘कयामत’ टूट सकती है. ईरान ने इन कंपनियों के कर्मचारियों को तुरंत दफ्तर खाली करने की सलाह दी है. दिग्गज टेक कंपनियों की लिस्ट में Apple, Google, Meta (Facebook), Microsoft, Nvidia, और Intel जैसे नाम शामिल हैं.
ईरान ने अबू धाबी और दुबई को भी सूची में रखा
इसके अलावा दिग्गज इंडस्ट्रीज Tesla, Boeing, GE, और JP Morgan को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है. हैरान करने वाली बात यह है कि ईरान ने अबू धाबी की AI कंपनी G42 और दुबई की Spire Solutions को भी अपनी सूची में रखा है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान जानबूझकर UAE की जमीन पर मौजूद अमेरिकी ठिकानों और दफ्तरों को निशाना बनाना चाहता है.
युद्ध में संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश
UAE ने अब तक इस युद्ध में एक संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश की है, लेकिन अगर ईरान उसकी धरती पर हमला करता है, तो UAE के पास युद्ध में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. दुबई और अबू धाबी दुनिया के सुरक्षित बिजनेस हब माने जाते हैं. ईरान यहां के ‘फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट्स’ (DIFC) पर हमला कर पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है.
दुबई के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला
पहले ही दुबई के पास एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हो चुका है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है. ईरान अब अपनी सरजमीं पर हुए हमलों का बदला अमेरिका की आर्थिक रीढ़ यानी उसकी टेक कंपनियों को तोड़कर लेना चाहता है. जानकारों का डर है कि ईरान सिर्फ मिसाइल ही नहीं, बल्कि इन कंपनियों के सर्वर पर ‘मैसिव’ साइबर अटैक भी कर सकता है, जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन ठप हो सकती है.
खाड़ी देशों में हाई अलर्ट जारी
IRGC के बयान के बाद खाड़ी देशों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. दुबई और कुवैत एयरपोर्ट्स के पास पहले ही धुएं के गुबार देखे गए हैं. कई अमेरिकी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को घर से काम करने या सुरक्षित स्थानों पर जाने को कह दिया है. व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी अमेरिकी कंपनी या नागरिक पर खरोंच भी आई, तो ईरान का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा.
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