US Attack On Iran: पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी जंग थमने का नाम ही नहीं लें रही है. इसी बीच अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार 12वीं रात भी हमले किए हैं. दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य से एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां एक ऑयल टैंकर में धमाके के बाद आग लगने का दावा किया गया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 23 जुलाई को शाम राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले शुरू किए, जिसका मकसद ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, जिससे क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजरने वाले नागरिक और कारोबारी जहाजों को खतरा पैदा होता है.
होर्मुज में टैंकर में धमाके का दावा
वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि ओमान के तट के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे एक टैंकर में विस्फोट हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई. IRGC के मुताबिक, धमाके के बाद दो अन्य जहाज तुरंत वापस लौट गए. फिलहाल इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है.
ईरान की नई चेतावनी
IRGC का कहना है कि तीनों जहाज अमेरिका के निर्देश पर उस मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जहां समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं. इस दौरान गार्ड ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद रहेगा और कोई भी ऑयल टैंकर यहां से अंदर या बाहर नहीं जा सकेगा. इसके अलावा, IRGC ने यह भी कहा कि जो भी जहाज ईरान के साथ समन्वय किए बिना इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसका भी यही अंजाम होगा.
ईरान-इराक बॉर्डर पर हवाई हमला, 2 की मौत
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिका ने रात में ईरान-इराक सीमा पर स्थित शलमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर हवाई हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. हालांकि, हमले को लेकर अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

