New Delhi: ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम का दुनिया भर में स्वागत हो रहा है. हालांकि अभी भी खतरा बना हुआ है, क्योंकि युद्धविराम सिर्फ 2 हफ्तों के लिए अस्थायी है. कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं. अगर बातचीत विफल हुई तो संघर्ष फिर भड़क सकता है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि यह दुनिया और क्षेत्र के लिए राहत का पल है. उन्होंने जोर दिया कि इस युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलना बेहद जरूरी है.
खतरनाक स्थिति से एक कदम पीछे हटा
वहीं यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने इसे खतरनाक स्थिति से एक कदम पीछे हटना बताया. उन्होंने कहा कि इससे मिसाइल हमले रुकेंगे, व्यापार फिर शुरू होगा और कूटनीति के लिए रास्ता खुलेगा. कल्लास ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग है. यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता की उम्मीद
युद्ध के कारण यह मार्ग प्रभावित था. अब इसे दोबारा खोलने पर जोर दिया जा रहा है. इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि मानव जीवन बचाने के लिए लड़ाई तुरंत रुकनी चाहिए. सभी पक्ष अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें और स्थायी शांति के लिए बातचीत जारी रखी जाए.
दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति
अमेरिका और ईरान ने दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है, जिससे पूरी दुनिया में राहत की लहर दौड़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हमले और बमबारी रोकने का फैसला लेते हुए दो हफ्ते का विराम घोषित किया. उन्होंने कहा कि ईरान की 10-पॉइंट योजना बातचीत के लिए काम करने योग्य है. यह विराम अंतिम समझौते का रास्ता खोल सकता है. शर्त यही है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलना होगा.
अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा ईरान
ईरान ने संकेत दिया है कि अगर उस पर हमले बंद होते हैं तो वह भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा. ईरान ने सुरक्षित समुद्री रास्ते देने की बात कही साथ ही होर्मुज पर अपने नियंत्रण की बात दोहराई.
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