US-Iran War Day 39: आज होगी ‘कयामत की रात’ या फेल होगा Trump का सीक्रेट प्लान? काउंटडाउन शुरू

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US-Iran War Day 39: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है. इजरायल और ईरान के बीच छिड़े इस महायुद्ध का आज 39वां दिन है और दोनों देशों के बीच हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है. इजरायल की सेना लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों, हवाई अड्डों और पेट्रोकेमिकल केंद्रों को निशाना बना रही है, वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल के प्रमुख शहरों पर मिसाइलें दाग रहा है. इस लगातार बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के सबसे खतरनाक चरण में पहुंचा दिया है, जहां हर नया हमला हालात को और विस्फोटक बना रहा है.

ट्रंप का बड़ा ऐलान, ‘एक रात में खत्म कर देंगे ईरान’

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अगर चाहे तो एक ही रात में ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकता है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके आदेश मिलते ही महज एक मिनट के अंदर हजारों अमेरिकी कमांडो ईरान की जमीन पर उतर सकते हैं और वहां के अहम सैन्य व ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर टकराव, वैश्विक संकट गहराया

ट्रंप ने इस संभावित कार्रवाई को ‘कयामत की रात’ जैसा बताया, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका अब किसी भी वक्त बड़ा कदम उठा सकता है.इस पूरे संघर्ष के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है. यहां से गुजरने वाले तेल पर कई देशों की अर्थव्यवस्था निर्भर है. ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मार्ग को हर हाल में खुलवाना अमेरिका की प्राथमिकता है.

उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने इसमें बाधा डाली तो अमेरिका सख्त सैन्य कार्रवाई करेगा. इसके साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी पूरी तरह खत्म करने की बात कही, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

‘कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन का खुलासा

ट्रंप ने इस तनावपूर्ण माहौल के बीच एक बेहद खतरनाक सैन्य अभियान का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि ईरान के भीतर गिरे एक अमेरिकी एफ-15 लड़ाकू विमान के पायलट को बचाने के लिए अब तक का सबसे कठिन ‘कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन चलाया गया. इस ऑपरेशन में अमेरिका ने अपनी पूरी सैन्य ताकत झोंक दी और इसे अत्यंत गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया. इस मिशन के तहत पहले चरण में 21 विमान भेजे गए.

इसके बाद दूसरे और बड़े अभियान में कुल 155 विमान शामिल किए गए. इनमें बमवर्षक विमान, लड़ाकू जेट, ईंधन टैंकर, रेस्क्यू विमान और करीब 200 कमांडो शामिल थे. यह ऑपरेशन इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका किसी भी मिशन को पूरा करने के लिए कितनी बड़ी सैन्य ताकत झोंक सकता है.

घायल पायलट का साहस, खुद किया इलाज

इस मिशन को सफल बनाने के लिए अमेरिका ने बेहद चतुर रणनीति अपनाई. ईरान को भ्रमित करने के लिए सात अलग-अलग स्थानों पर नकली गतिविधियां दिखाई गईं, ताकि असली ऑपरेशन की लोकेशन छिपी रहे. इस रणनीति ने मिशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस ऑपरेशन के दौरान घायल पायलट ने अदम्य साहस का परिचय दिया. उसके चेहरे से खून बह रहा था, लेकिन वह दुश्मन से बचने के लिए पहाड़ी इलाकों में लगातार आगे बढ़ता रहा.

उसने खुद अपने जख्मों का इलाज किया और लगातार सेना के संपर्क में बना रहा. अंततः उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इस पूरे मिशन में अमेरिका का कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ.

सीक्रेट प्लान लीक, ट्रंप का गुस्सा

हालांकि इस सफल ऑपरेशन के बीच एक बड़ी चूक भी सामने आई. ट्रंप ने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी ने लीक कर दी थी, जिससे सैकड़ों लोगों की जान खतरे में पड़ गई. उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि जो भी इस लीक के पीछे है, उसे जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा.

इजरायल का हमला, ईरान का जोरदार पलटवार

मैदान में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. इजरायल की सेना इजरायल डिफेंस फोर्स (Israel Defense Forces) ने तेहरान समेत ईरान के कई एयरपोर्ट्स और पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इन हमलों में कई लोगों की मौत हुई है और ईरान के एक बड़े सैन्य अधिकारी के मारे जाने की खबर भी सामने आई है. इसके जवाब में ईरान ने भी इजरायल के तेल अवीव पर मिसाइलें दागीं, जिससे वहां दहशत फैल गई.

अमेरिकी ठिकानों पर हमले, युद्ध का दायरा बढ़ा

ईरान ने इस संघर्ष को और व्यापक बनाते हुए जॉर्डन, बगदाद और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है. कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस पर ड्रोन हमले में 15 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं. इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर भी हमले का दावा किया है. इससे साफ हो गया है कि यह युद्ध अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलकर अंतरराष्ट्रीय संकट बनता जा रहा है.

भारत के लिए राहत, जहाज सुरक्षित

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है. भारतीय नौसेना (Indian Navy) की निगरानी में भारतीय जहाज सुरक्षित हैं. 46,655 मीट्रिक टन गैस लेकर आ रहा ‘ग्रीन सान्वी’ जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के भरूच की ओर बढ़ रहा है. सरकारी जानकारी के अनुसार, फारस की खाड़ी, लाल सागर और अदन की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है.

‘आज की रात’ पर टिकी दुनिया की नजर

जहां एक ओर युद्धविराम को लेकर बातचीत की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिकी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है. मौजूदा हालात को देखते हुए पूरी दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले घंटे क्या मोड़ लेते हैं. ट्रंप की ‘कयामत की रात’ वाली चेतावनी ने इस आशंका को और मजबूत कर दिया है कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल हुए, तो यह युद्ध और भी भयावह रूप ले सकता है. ऐसे में आज की रात और आने वाले दिन न सिर्फ पश्चिम एशिया, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं.

यह भी पढ़े: कुवैत एयरबेस पर ईरान का ड्रोन हमला: 15 अमेरिकी घायल, अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ा

Latest News

UN महासचिव पद की दौड़ में 2 महिलाएं शामिल, 80 साल बाद इतिहास बदलने की तैयारी

New Delhi: 80 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी महिला को संयुक्त राष्ट्र (UN) का प्रमुख बनाए जाने...

More Articles Like This

Exit mobile version