Tehran: अमेरिका व इजरायल से बढ़ते संघर्ष और तनाव के बीच ईरान ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने 21 अप्रैल से देशभर के सभी स्कूलों को वर्चुअल मोड में शिफ्ट करने का ऐलान किया है. शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक यह फैसला सभी कक्षाओं और स्तरों पर लागू होगा और अगली सूचना तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी. इस कदम को मौजूदा सुरक्षा और हालात को देखते हुए एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है.
शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश
उधर, अमेरिका और ईरान के बीच ठप पड़ी शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. इसी कड़ी में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तेहरान पहुंच गए हैं, जहां वह ईरानी नेतृत्व से अहम बातचीत कर रहे हैं. उनके साथ पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद हैं, जो इस कूटनीतिक मिशन की अहमियत को दिखाता है.
वार्ता के फेल होने के बाद यह पहली बड़ी पहल
इस्लामाबाद में हुई पिछली वार्ता के फेल होने के बाद यह पहली बड़ी पहल मानी जा रही है. पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ के तौर पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है और ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ईरान को अमेरिका के ‘फाइनल और बेस्ट ऑफर’ के करीब लाने की कोशिश करेगा. हालांकि यह आसान नहीं दिख रहा, क्योंकि ईरान पहले ही कह चुका है कि उसकी तरफ से कोई नया प्रस्ताव नहीं आया है.
पाकिस्तान पूरे संवाद का मुख्य मध्यस्थ
सबसे बड़ा अड़ंगा यूरेनियम एनरिचमेंट का मुद्दा बना हुआ है, जिस पर दोनों देशों के बीच गहरी खाई है. इस बीच, व्हाइट हाउस ने भी संकेत दिए हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी दौर की बातचीत फिर से पाकिस्तान में ही हो सकती है. प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि बातचीत ‘प्रोडक्टिव’ है और पाकिस्तान ही इस पूरे संवाद का मुख्य मध्यस्थ बना रहेगा.
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