कीर स्टार्मर के तीखे हमले के बाद ट्रंप के बदले सुर, अमेरिकी राष्ट्रपति ने बांधे ब्रिटिश सैनिकों के तारीफों के पुल  

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US President: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के अफगानिस्तान मामले पर तीखे पलटवार के बाद बैकफुट पर आ गए हैं. ऐसे में उन्‍होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अफगानिस्तान में लड़ने वाले ब्रिटिश सैनिकों की जमकर प्रशंसा की.

इससे पहले उन्होंने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के साथ गए ब्रिटिश सैनिकों को फ्रंटलाइन से पीछे रहने का विवादित बयान देकर ब्रिटेन में भारी आलोचना की लहर पैदा कर दी थी, जिससे वो ब्रिटिश परिवार नाराज हो गए थे, जिनके घर के सदस्य (सैनिक) अफगानिस्तान के संघर्ष में शहीद या घायल हुए थे. इसके बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप से इस मामले पर माफी मांगने को कहा था.

ट्रंप ने अब ब्रिटिश सैनिकों को क्या कहा?

डोनाल्‍ड ट्रंप ट्रुथ सोशल पर कहा कि “यूनाइटेड किंगडम के महान और बहुत बहादुर सैनिक हमेशा संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रहेंगे. उन्होंने अफगानिस्तान में मारे गए 457 ब्रिटिश सैनिकों और महिलाओं तथा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को “सभी योद्धाओं में सबसे महान” बताया. ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच का बंधन “इतना मजबूत है कि कभी टूट नहीं सकता” और यूके अमेरिका के बाद “अद्भुत दिल और आत्मा के साथ, किसी से कम नहीं है.”

अमेरिकी राष्‍ट्रपति का बयान

अमेरिकी राष्‍ट्रपति की ये टिप्पणियां गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में फॉक्स बिजनेस नेटवर्क को दिए उस विवादित इंटरव्यू के बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें यकीन नहीं है कि नाटो के अन्य 31 देश अमेरिका की मदद के लिए आगे आएंगे….और जब जरूरत पड़ी थी तो उन देशों के सैनिक “ फ्रांट लाइन से दूर” रहे.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा था-माफी मांगें

ट्रंप के इस बयान पर ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने कहा था कि इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को माफी मांगनी चाहिए. हालांकि ट्रंप ने उन टिप्पणियों के लिए सीधे माफी नहीं मांगी, न ही उन्हें वापस लिया जिसे स्टार्मर ने “अपमानजनक और स्पष्ट रूप से घिनौना” बताया था. नंबर 10 डाउनिंग स्ट्रीट के कार्यालय ने कहा कि यह मुद्दा शनिवार को दोनों के बीच हुई बातचीत में उठाया गया था, जिसमें यूक्रेन युद्ध और आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा जैसे अन्य विषय भी शामिल थे.

पीएम स्‍टार्मर ने उन बहादुर और नायकों वाले ब्रिटिश और अमेरिकी सैनिकों का जिक्र किया जो अफगानिस्तान में कंधे से कंधा मिलाकर लड़े, जिनमें से कई कभी घर नहीं लौटे. पीएम कार्यालय ने कहा कि “हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए. अब इसके बाद ट्रंप ने ब्रिटिश सैनिकों को बहादुर कह दिया है.

इसे भी पढे:-अफगानिस्तान में भारी बर्फबारी और बारिश ने मचाई तबाही, 61 लोगों की मौत, 110 से अधिक घायल

Latest News

Earthquake: भूकंप के झटकों से कांपी लेह लद्दाख की धरती, जाने कितनी रही तीव्रता

Earthquake In Leh Ladakh: गुरुवार की सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से लद्दाख के लेह की धरती कांप उठी. नेशनल...

More Articles Like This