रूस प्रतिबंध बिल के समर्थन में वोट देने वाले इकलौते भारतीय-अमेरिकी सांसद बने राजा कृष्णमूर्ति

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Russia Sanctions Bill: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक पर मतदान के दौरान भारतीय मूल के सांसदों के बीच मतभेद देखने को मिला. दरअसल, इलिनॉय से सांसद राजा कृष्णमूर्ति इस बिल के समर्थन में वोट देने वाले एकमात्र भारतीय-अमेरिकी सांसद रहे. यह बिल रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान रखता है, जिसमे भारत और चीन जैसे देश शामिल है. वहीं अन्य 5 भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने डेमोक्रेटिक पार्टी के रुख के अनुसार इस बिल का विरोध किया.

प्रतिनिधि सभा में पास हुआ प्रतिबंध विधेयक

दरअसल, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एंड ईरान एक्ट को 262-159 मतों से पारित कर दिया. जिसमें रूस के ऊर्जा क्षेत्र से व्यापार करने वाले बड़े खरीदार देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है. इसे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

राजा कृष्णमूर्ति ने किया समर्थन

बता दें कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कुल छह भारतीय मूल के सांसद हैं और सभी डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं. इसके बावजूद कृष्णमूर्ति ने पार्टी लाइन से अलग जाकर बिल का समर्थन किया. ऐसे में वो इस विधेयक के पक्ष में मतदान करने वाले एकमात्र भारतीय-अमेरिकी सांसद रहें. इलिनॉय से कांग्रेस सदस्य कृष्णमूर्ति मार्च में अमेरिकी सीनेट की प्राथमिक चुनावी दौड़ में शामिल हुए थे, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली. ऐसे में वो अगले वर्ष जनवरी में प्रतिनिधि सभा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

अन्य भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने किया विरोध

डेमोक्रेटिक पार्टी के रुख का पालन करते हुए भारतीय मूल के अन्य सांसदों रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, एमी बेरा, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम इस विधेयक के खिलाफ रहे. वहीं, मतदान से पहले राजा कृष्णमूर्ति ने यूक्रेनी समुदाय से जुड़े एक समर्थन समूह के प्रतिनिधियों से मुलाकात भी की थी. इसके बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोग अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए साहसपूर्वक संघर्ष कर रहे हैं और अमेरिका को उनके साथ खड़ा रहना चाहिए. उन्होंने इलिनॉय के यूक्रेनी समुदाय का आभार भी व्यक्त किया, जिन्होंने यूक्रेन के समर्थन को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं.

भारतीय-अमेरिकी समुदाय में सक्रिय भूमिका

राजा कृष्णमूर्ति उन भारतीय-अमेरिकी नेताओं में गिने जाते हैं जो प्रवासी भारतीय समुदाय को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते रहे हैं. वह अक्सर भारतीय मूल के युवाओं और समुदाय के लोगों से सार्वजनिक पदों के लिए चुनाव लड़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की अपील करते रहे हैं.

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