दुबई से डिपोर्ट कर भारत लाया गया वीरेंद्र बैसोया, 6,000 करोड़ के ड्रग्स केस में जारी हुआ था रेड कॉर्नर नोटिस

New Delhi: ड्रग्स सिंडिकेट के कथित किंगपिन वीरेंद्र सिंह बैसोया को दुबई डिपोर्ट कर भारत लाया गया है. ड्रग्स सिंडिकेट के कथित किंगपिन बैसोया के तार बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, जिसकी जांच में करीब 6,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स केस का जिक्र सामने आया है. NCB के दस्तावेजों के मुताबिक, बैसोया पर मेफेड्रोन की बड़ी खेप को विदेश भेजने की साजिश में शामिल होने का आरोप है. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.

दुबई से डिपोर्ट कर लाया गया भारत 

अब भारत सरकार की पहल के बाद दुबई से डिपोर्ट कर उसे भारत लाया गया है. यानी जिस आरोपी को एजेंसियां लंबे समय से तलाश रही थीं, वह अब भारतीय जांच एजेंसियों की पहुंच में है. बैसोया को एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 4310 से भारत लाया गया. दुबई में गिरफ्तारी के बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, बैसोया दिल्ली पुलिस के करीब 13,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले के मुख्य आरोपी बताए जाने वाले संदीप धुनिया का करीबी भी है.

धुनिया पाकिस्तान भागने में कामयाब

खास बात यह है कि धुनिया कथित तौर पर दुबई से पाकिस्तान भागने में कामयाब रहा था. ऐसे में बैसोया की वापसी को भारत की ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है. NCB के दस्तावेजों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि वीरेंद्र सिंह बैसोया का संबंध अवैध ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से था. आरोप है कि वह मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप लंदन भेजने की साजिश में शामिल था. इस मामले में पुणे पुलिस ने 21 फरवरी 2024 को दिल्ली में कार्रवाई की थी.

970 किलो मेफेड्रोन बरामद

इस दौरान दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीप कुमार राजपाल बैसोया को गिरफ्तार किया गया था. दोनों के कब्जे से करीब 970 किलो मेफेड्रोन बरामद किया गया था. जांच एजेंसियों के मुताबिक बरामद मेफेड्रोन की यह बड़ी खेप लंदन भेजी जानी थी. इसके लिए डेल्टा लॉजिस्टिक्स के जरिए कंसाइनमेंट भेजने की तैयारी की जा रही थी. पुलिस की जांच में दावा किया गया कि दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीप कुमार राजपाल बैसोया, वीरेंद्र सिंह बैसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे.

कथित नेटवर्क में बैसोया की भूमिका

इससे जांच एजेंसियों के सामने कथित नेटवर्क में बैसोया की भूमिका का एक अहम लिंक सामने आया. इस मामले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स के मालिक संदीप हनुमानसिंह यादव और कंपनी के मैनेजर देवेंद्र रामफुल यादव को भी 21 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था.

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