Crude Oil Price Outlook: रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अल्पकाल में हल्की बढ़त देखने को मिल सकती है, लेकिन लंबी अवधि में इसके 68 से 70 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहने की संभावना जताई गई है. एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की वेल्थ मैनेजमेंट इकाई, एमके वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बाजार के मौजूदा बुनियादी संकेतक वैश्विक आर्थिक सुस्ती की ओर इशारा करते हैं. इसके चलते प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में उपभोक्ता सतर्क बने हुए हैं और इसी वजह से कीमतों में किसी बड़ी तेजी की संभावना सीमित नजर आती है.
ओपेक प्लस के बावजूद क्यों नहीं बढ़ रहीं कीमतें
रिपोर्ट में बताया गया है कि ओपेक प्लस द्वारा उत्पादन पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद ब्रेंट क्रूड की कीमत एक साल से अधिक समय से 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल के बीच बनी हुई है. मांग में इजाफे और आपूर्ति में हो रही बढ़ोतरी के बीच बने असंतुलन के कारण कीमतों में कोई बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला है.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि मांग के अनुमान उत्पादन में हो रही वृद्धि से पीछे चल रहे हैं. लंबे समय तक कम कीमतें बने रहने के कारण ऊर्जा सेक्टर में पूंजीगत खर्च में भी कमी आई है. प्रमुख तेल और गैस कंपनियां तरलता और बैलेंस शीट की स्थिरता बनाए रखने के लिए नए निवेश को टाल रही हैं.
वेनेजुएला और ईरान की सप्लाई से बढ़ी अनिश्चितता
हाल के महीनों में वेनेजुएला और ईरान से तेल उत्पादन सामान्य स्तर पर लौट आया है, जिसका बड़ा हिस्सा एशियाई बाजारों, खासकर चीन की ओर जा रहा है. हालांकि, नए राजनीतिक घटनाक्रमों और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के चलते इन आपूर्तियों की निरंतरता को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता बनी हुई है.
एमके वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड डॉ. जोसेफ थॉमस ने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम अल्पावधि में तेल की कीमतों को कुछ समर्थन दे सकते हैं, लेकिन बुनियादी कारक यह संकेत देते हैं कि यह तेजी सीमित ही रहने वाली है.
निवेश और कीमतों को लेकर आगे क्या रणनीति
डॉ. थॉमस ने सुझाव दिया कि मौजूदा चरण में ऊर्जा कंपनियों और बाजार से जुड़े प्रतिभागियों को पूंजी अनुशासन बनाए रखने और परिचालन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. रिपोर्ट में अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के पूर्वानुमानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि वैश्विक तेल भंडार 2026 तक बढ़ते रहने की उम्मीद है, जिससे आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है.
एजेंसी का अनुमान है कि 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत करीब 55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रह सकती है, जो बाजार में लगातार बनी अधिक आपूर्ति की स्थिति को दर्शाता है.
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