Iran-US Tension: अमेरिका-ईरान तनाव से तेल बाजार में हलचल, ब्रेंट क्रूड 104 डॉलर के पार

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Iran-US Tension:अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. सप्ताहांत में अमेरिका द्वारा ईरान के खारग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया.

सोमवार सुबह करीब 10:25 बजे ब्रेंट क्रूड 1.59% की तेजी के साथ 104.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.07% बढ़कर 97.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया.

खारग द्वीप पर हमले के बाद बढ़ा तनाव

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के लिए तेल निर्यात का अहम केंद्र खारग द्वीप है. यहां अमेरिकी हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में बाधा डालता है, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर और हमले कर सकता है.

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है. दुनिया भर में समुद्र के रास्ते भेजे जाने वाले तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है.

दूसरे देशों से सुरक्षा में सहयोग की मांग

अमेरिका ने चीन और जापान जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों से भी इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में सहयोग करने की अपील की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाशिंगटन ने इन देशों से जलडमरूमध्य में नौसैनिक जहाज तैनात करने का अनुरोध किया है ताकि तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके.

अमेरिकी नौसेना को दिए गए निर्देश

संभावित ईरानी हमलों को रोकने के लिए अमेरिका ने अपने नौसेना के पांचवें बेड़े को भी क्षेत्र में तैनात किया है. इस बेड़े को वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है.

तेल आपूर्ति पर बड़ा असर

खारग द्वीप पर हुए हमले के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार इस तनाव के कारण तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी आपूर्ति बाधाओं में से एक स्थिति बन सकती है. तनाव बढ़ने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला जहाजी यातायात लगभग ठप हो गया है.

यूएई ने फिर शुरू की माल ढुलाई

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने रविवार को अपने प्रमुख निर्यात केंद्र फुजैरा बंदरगाह से माल ढुलाई दोबारा शुरू कर दी. इससे पहले ड्रोन हमले के कारण वहां से माल भेजना अस्थायी रूप से रोक दिया गया था.

पिछले सप्ताह भी तेजी में रहा तेल बाजार

पिछले सप्ताह भी कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था. ब्रेंट क्रूड लगभग 11% बढ़कर 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद के उच्च स्तर के बराबर है. हालांकि बाद में कीमतें थोड़ा घटकर करीब 103 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर हो गईं.

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