LPG Price Hike: आज से कमर्शियल गैस सिलेंडर 195.50 रुपये महंगा, दिल्ली में 2000 के पार पहुंची कीमत

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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LPG Price Hike: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है. 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने के कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा.

सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (आयल पीएसयूएस) ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अस्थिरता और मध्य पूर्व में जारी तनाव को बड़ी वजह माना जा रहा है.

दिल्ली में सिलेंडर 2000 के पार, लगातार तीसरी बढ़ोतरी

नई कीमतों के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गया है. अगर पिछले एक महीने का आंकड़ा देखें तो 1 मार्च को इसकी कीमत 1768.50 रुपये थी, जो 7 मार्च को बढ़कर 1883 रुपये हो गई थी. अब 1 अप्रैल को फिर से 195.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद कुल मिलाकर एक महीने में 310 रुपये का इजाफा हो चुका है.

अन्य शहरों में भी बढ़े दाम

देश के अन्य बड़े शहरों में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में तेजी देखने को मिली है:

👉 कोलकाता: 2208.00 रुपये

👉 मुंबई: 2031.00 रुपये

👉 चेन्नई: 2246.50 रुपये

इन कीमतों से साफ है कि देशभर में गैस की लागत लगातार बढ़ रही है.

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं

राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत अभी 913 रुपये बनी हुई है. इससे पहले 7 मार्च को इसमें 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से दाम स्थिर हैं.

आम आदमी पर असर: बाहर खाना हो सकता है महंगा

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने का सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट पर पड़ेगा. जब गैस महंगी होती है, तो खाने-पीने की चीजों की लागत भी बढ़ जाती है. ऐसे में रेस्टोरेंट संचालक कीमतें बढ़ा सकते हैं, जिससे आम लोगों के लिए बाहर खाना महंगा हो सकता है.

मिडिल ईस्ट तनाव बना बड़ी वजह, बढ़ रहा ऊर्जा संकट

विशेषज्ञों के अनुसार इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर पड़ने से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है.

इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर पड़ा है, जिसके चलते कच्चा तेल महंगा हो गया है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों में भी कीमतें बढ़ रही हैं.

आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है और सप्लाई पर असर बना रहता है, तो आने वाले समय में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है.

यह स्थिति महंगाई को और बढ़ा सकती है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है.

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