AI और क्लाउड से बढ़ेगी रफ्तार, डेटा सेंटर क्षमता 30% बढ़ने का अनुमान

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत में डेटा सेंटर सेक्टर तेजी से विस्तार के दौर में है. रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में देश की डेटा सेंटर क्षमता में सालाना आधार पर करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इस ग्रोथ के पीछे डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग, क्लाउड कंप्यूटिंग का विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से उपयोग प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.

500 मेगावाट नई क्षमता जुड़ने का अनुमान

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी CBRE Group की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में करीब 500 मेगावाट की नई डेटा सेंटर क्षमता जुड़ सकती है. यह 2025 में जोड़ी गई 440 मेगावाट की रिकॉर्ड क्षमता से भी ज्यादा है. 2025 के अंत तक देश की कुल डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1,700 मेगावाट तक पहुंच चुकी थी, जो इस सेक्टर की तेज ग्रोथ को दर्शाती है.

निवेश में उछाल, 180 अरब डॉलर का आंकड़ा पार करने की संभावना

डेटा सेंटर सेक्टर में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है. 2025 में इस सेक्टर ने 56.4 अरब डॉलर की नई निवेश प्रतिबद्धताएं हासिल कीं, जिससे कुल निवेश 126 अरब डॉलर तक पहुंच गया. रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में इन निवेश प्रतिबद्धताओं में करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह आंकड़ा 180 अरब डॉलर के पार जा सकता है.

विशेषज्ञों की राय: अब संभावनाओं से आगे बढ़ा सेक्टर

CBRE के चेयरमैन और CEO Anshuman Magazine ने कहा कि भारत का डेटा सेंटर सेक्टर अब सिर्फ संभावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े स्तर पर क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश कर चुका है. उन्होंने बताया कि विदेशी निवेश इस ग्रोथ को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में यह सेक्टर और तेजी से आगे बढ़ेगा.

बड़े राज्यों के साथ Tier-II शहरों में भी तेजी

रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर निवेश के प्रमुख केंद्र बने रहेंगे. हालांकि अब यह गतिविधि टियर-II शहरों तक भी तेजी से फैल रही है. अहमदाबाद, विशाखापत्तनम, पटना और भोपाल जैसे शहर भी इस ग्रोथ में शामिल हो रहे हैं. इसका कारण कम लेटेंसी की जरूरत, 5G नेटवर्क का विस्तार और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग है.

मुंबई बना सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब

देश में डेटा सेंटर का सबसे बड़ा केंद्र मुंबई बना हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार भारत के कुल चालू डेटा सेंटरों में से 50 प्रतिशत से अधिक मुंबई में स्थित हैं. मुंबई के अलावा चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु मिलकर देश की कुल डेटा सेंटर क्षमता का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं.

बिजली की मांग और नवीकरणीय ऊर्जा पर फोकस

डेटा सेंटर की बढ़ती संख्या के कारण बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. खासकर AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते उपयोग से ऊर्जा की खपत में भारी इजाफा हो रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनियां अब नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख कर रही हैं. भारत ने 2025 में रिकॉर्ड 44.5 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो इस दिशा में बड़ा कदम है.

सरकारी नीतियां भी दे रही बढ़ावा

सरकार की नीतियां भी इस सेक्टर को मजबूती दे रही हैं. कर प्रोत्साहन, ग्रीन कैपेक्स सपोर्ट और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसे कदम निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं. इन प्रयासों के चलते भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है.

यह भी पढ़े: Mahindra ने बनाया रिकॉर्ड! मार्च में 1 लाख के करीब बिक्री, SUV ने किया कमाल

Latest News

27 October 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Panchang 27 October 2026: 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. इस दिन अशून्य...

More Articles Like This