New Delhi: महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के संसद में पारित न होने के विरोध में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा के विधायकों ने विधानसभा परिसर में मंगलवार को प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे भी लगाए. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) ने साजिश रचकर महिला आरक्षण रोकने का प्रयास किया है.
विपक्ष ने फिर महिलाओं से अधिकार छीना
CM रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए ऐतिहासिक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लेकर आई, लेकिन सत्ता के स्वार्थ में डूबे विपक्ष ने एक बार फिर महिलाओं से उनका अधिकार छीनने का काम किया. मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “देश की नारी शक्ति आने वाले समय में इन्हें सबक सिखाएगी. जो महिला शक्ति का रास्ता रोकेंगे, जनता उन्हें जवाब देगी. हम 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को निश्चित रूप से लागू कराएंगे और देश की नारी शक्ति को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे.”
निंदा प्रस्ताव के लिए विशेष सत्र
लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया था. इस विधेयक के पारित न होने के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने के लिए मंगलवार को दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. इसे लेकर CM रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पूरे महिला समाज के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा कि इसी की निंदा के लिए यह विशेष सत्र बुलाया गया है और इसमें विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा.
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