Crude Oil Price Rise: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है और आने वाले महीनों में राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है. निवेश बैंक जेपी मॉर्गन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कच्चा तेल इस साल 100 डॉलर प्रति बैरल की निचली सीमा के आसपास बना रह सकता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुई रुकावटों ने वैश्विक तेल बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है. खासतौर पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात को लेकर चिंता बनी हुई है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुलने के बाद भी राहत की उम्मीद कम
जेपी मॉर्गन का कहना है कि आने वाले हफ्तों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल भी जाता है, तब भी शेष वर्ष में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं. इसकी वजह यह है कि तेल परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पहले ही प्रभावित हो चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक जहाजरानी, तेल शोधन संयंत्रों के संचालन और तेल टैंकरों की उपलब्धता में आ रही दिक्कतों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार दबाव बना रहेगा. यही कारण है कि कीमतों में तेजी से गिरावट आने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है.
अगले वर्ष भी महंगा रह सकता है कच्चा तेल
निवेश बैंक ने अनुमान लगाया है कि वर्ष 2026 में ब्रेंट कच्चे तेल की औसत कीमत लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है. इससे संकेत मिलता है कि दुनिया को आने वाले समय में ऊर्जा आपूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि केवल हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोल देने से बाजार तुरंत सामान्य नहीं होगा. तेल परिवहन नेटवर्क से जुड़ी व्यवस्थागत चुनौतियां कई महीनों तक बनी रह सकती हैं.
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है. मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चा तेल करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया. यह तेजी उस समय आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया की आलोचना की. इसके बाद पश्चिम एशिया में स्थिरता और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गईं.
वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल भी लगभग एक प्रतिशत मजबूत होकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया. रिपोर्टों के मुताबिक, अप्रैल में ओपेक द्वारा कच्चे तेल का उत्पादन 830,000 बैरल प्रति दिन घटकर 20.04 मिलियन बैरल प्रति दिन हो गया
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