Secret of Long Life: जापान और फ्रांस जैसे देशों के कुछ खास हिस्सों में रहने वाले बुजुर्गों की फिटनेस देखकर पूरी दुनिया हैरान है. विज्ञान और चिकित्सा की भाषा में इन अनोखे क्षेत्रों को ‘ब्लू जोन्स’ कहा जाता है. यहां रहने वाले लोग 100 साल की उम्र पार करने के बाद भी बिना किसी लाठी या बीमारी के एकदम जवान, चुस्त-दुरुस्त और एक्टिव नजर आते हैं. ये इन देशों में कुछ ऐसे जादुई इलाके हैं, जहां उम्र का पैमाना पूरी तरह बदल जाता है.
अचानक हादसे या दुर्घटना का शिकार
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन इलाकों के लोग किसी अचानक हादसे या दुर्घटना का शिकार न हों तो उनका उम्र का शतक (100 साल पूरा करना) बिल्कुल तय माना जाता है. आखिर इन जगहों की आबो-हवा, पानी और खानपान में ऐसा क्या छुपा है? इस छिपे हुए वैश्विक रहस्य को दुनिया के सामने लाने का पूरा श्रेय अमेरिकी लेखक और शोधकर्ता डैन ब्यूटनर को जाता है.
पूरी दुनिया का एक अनोखा चक्कर
1990 के दशक के आखिरी सालों में डैन ब्यूटनर ने इंसानी जीवन और लंबी उम्र के रहस्यों को जानने के लिए पूरी दुनिया का एक अनोखा चक्कर लगाया. अपनी इस खोज के दौरान उन्होंने दुनिया के नक्शे पर ऐसे 5 खास क्षेत्रों को ढूंढ निकाला, जहां के लोगों की औसत उम्र पूरी दुनिया के मुकाबले बहुत ज्यादा थी. शोधकर्ताओं के मुताबिक ‘ब्लू जोन्स’ में रहने वाले लोगों की लंबी उम्र के पीछे कोई महंगी दवाइयां या आधुनिक गैजेट्स नहीं हैं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की आदतें हैं.
बुजुर्ग 100 साल की उम्र में भी खुद पैदल चलते हैं
इन इलाकों के लोग पैकेट बंद फूड्स की जगह सीधे खेतों से आने वाले ताजे फल, सब्जियां, मोटे अनाज और शुद्ध पानी का सेवन करते हैं. यहां के बुजुर्ग 100 साल की उम्र में भी खुद पैदल चलते हैं, बागवानी करते हैं और शारीरिक रूप से बेहद एक्टिव रहते हैं. इन जगहों का सामाजिक ताना-बाना ऐसा है जहां लोग तनाव मुक्त रहते हैं और आपस में मजबूत पारिवारिक व सामाजिक रिश्ता रखते हैं.
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