RBI New Rule: ऑनलाइन फ्रॉड होने पर मिलेगा पैसा वापस! RBI के नए नियम से ग्राहकों को बड़ी राहत, जानिए कैसे मिलेगा रिफंड

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

RBI New Rule: डिजिटल पेमेंट ने लोगों की जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन इसके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं. UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए होने वाले फ्रॉड में हर साल हजारों लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं. ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित को बैंक से भी राहत नहीं मिल पाती. इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाने और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए एक नया नियम लागू करने की तैयारी की है. इस व्यवस्था के तहत पात्र मामलों में ऑनलाइन फ्रॉड के शिकार ग्राहकों को बैंक की ओर से मुआवजा दिया जाएगा. हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा.

ऑनलाइन फ्रॉड होने पर कितना पैसा मिलेगा?

नए नियम के अनुसार, यह व्यवस्था 50,000 रुपये तक के डिजिटल फ्रॉड को कवर करेगी. ऐसे मामलों में पीड़ित को हुए नुकसान का 85 प्रतिशत या अधिकतम 25,000 रुपये, जो भी कम हो, बैंक की ओर से वापस दिए जा सकते हैं. उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति के खाते से ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए 20,000 रुपये निकाल लिए जाते हैं, तो उसे लगभग 17,000 रुपये तक का रिफंड मिल सकता है. वहीं यदि किसी व्यक्ति के साथ 50,000 रुपये से अधिक, यहां तक कि 10 लाख रुपये का भी ऑनलाइन फ्रॉड हो जाता है, तब भी इस योजना के तहत अधिकतम 25,000 रुपये तक का ही भुगतान किया जाएगा.

जीवन में सिर्फ एक बार मिलेगा इस योजना का लाभ

RBI के नए नियम के तहत पात्र खाताधारक इस सुविधा का लाभ अपने पूरे जीवन में केवल एक बार ही उठा सकेंगे. यानी एक बार इस योजना के तहत मुआवजा मिलने के बाद दोबारा इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा.

5 दिन के भीतर करनी होगी शिकायत

ऑनलाइन फ्रॉड के बाद समय पर शिकायत करना सबसे जरूरी होगा. नियम के अनुसार, यदि किसी के साथ UPI, इंटरनेट बैंकिंग या अन्य डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी होती है, तो उसे 5 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज करानी होगी.

पीड़ित को दो जगह शिकायत करना अनिवार्य होगा.

  • सबसे पहले अपने संबंधित बैंक में.
  • इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी होगी.

यदि निर्धारित 5 दिनों के भीतर शिकायत नहीं की जाती है, तो मुआवजा मिलने का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा.

कब से लागू होगा नया नियम?

जानकारी के मुताबिक, यह नई व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू की जाएगी. इसके बाद पात्र मामलों में ग्राहकों को निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा.

अब बैंक आसानी से नहीं झाड़ सकेंगे जिम्मेदारी

अब तक कई मामलों में बैंक यह कहकर जिम्मेदारी से बच जाते थे कि ग्राहक की लापरवाही के कारण फ्रॉड हुआ है. लेकिन नई व्यवस्था के बाद यदि धोखाधड़ी बैंक की तकनीकी खामी, सुरक्षा व्यवस्था में कमी या बैंक कर्मचारियों की लापरवाही के कारण होती है, तो ग्राहक को पूरा नुकसान वापस किया जा सकता है. इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में यह साबित करने की जिम्मेदारी भी बैंक की होगी कि गलती ग्राहक की तरफ से हुई थी. यदि बैंक ऐसा साबित नहीं कर पाता, तो नियमों के अनुसार ग्राहक को मुआवजा देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

यह नियम उन सभी बैंक ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य डिजिटल पेमेंट माध्यमों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में यदि भविष्य में किसी भी तरह का ऑनलाइन फ्रॉड होता है, तो समय पर शिकायत दर्ज कराना और सभी जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होगा, ताकि नियमों के तहत मिलने वाली राहत का लाभ लिया जा सके.

यह भी पढ़े: IRCTC Tour Package: काशी से जगन्नाथ पुरी तक 11 दिन की दिव्य यात्रा, जानिए किराया, रूट और पूरी डिटेल

Latest News

80th Independence Day: ‘ध्वजारोहण से लेकर वंदे मातरम तक, लाल किले पर पहली बार हुई ये 6 चीजें

80th Independence Day Theme: आज भारत 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. हर साल की तरह इस बार भी...

More Articles Like This