Aaj Ka Panchang 5 August 2026: आज 5 अगस्त 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज श्रावण कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र, शूल योग और कालाष्टमी व बुधाष्टमी व्रत का विशेष संयोग बन रहा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, आज भगवान शिव, काल भैरव और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. अगर आप आज पूजा-पाठ, व्रत या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय जरूर जान लें.
5 अगस्त 2026 का पंचांग
- तिथि: श्रावण कृष्ण पक्ष सप्तमी (रात 8:42 बजे तक), इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी.
- नक्षत्र: अश्विनी (रात 9:18 बजे तक), इसके बाद भरणी नक्षत्र.
- योग: शूल योग (शाम 5:28 बजे तक), इसके बाद गण्ड योग.
- करण: विष्टि (सुबह 9:27 बजे तक), इसके बाद बव (रात 8:42 बजे तक), फिर बालव.
- वार: बुधवार.
- चंद्र राशि: मेष.
- सूर्य राशि: कर्क.
- व्रत एवं पर्व: कालाष्टमी, बुधाष्टमी व्रत.
5 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:27 बजे से 5:15 बजे तक.
- अमृत काल: दोपहर 2:17 बजे से 3:50 बजे तक.
- अभिजीत मुहूर्त: आज नहीं है.
आज का राहुकाल
- राहुकाल: दोपहर 12:32 बजे से 2:10 बजे तक.
अन्य अशुभ मुहूर्त
- यमगण्ड: सुबह 7:40 बजे से 9:18 बजे तक.
- कुलिक काल: सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक.
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:06 बजे से 12:58 बजे तक.
- वर्ज्यम: शाम 5:24 बजे से 6:58 बजे तक.
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:03 बजे.
- सूर्यास्त: शाम 7:02 बजे.
- चंद्रोदय: रात 11:14 बजे.
- चंद्रास्त: 6 अगस्त दोपहर 12:56 बजे.
कालाष्टमी और बुधाष्टमी व्रत का महत्व
आज कालाष्टमी और बुधाष्टमी व्रत का विशेष संयोग है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने और व्रत रखने से भय, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है. वहीं, बुधाष्टमी व्रत भगवान गणेश और बुध ग्रह की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं.
इसके अलावा आज चंद्रमा पूरे दिन मेष राशि में संचार करेगा, जबकि सूर्य कर्क राशि में विराजमान रहेंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा, दुर्वा अर्पित करना और गणेश मंत्रों का जप करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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