ब्राजील: साओ पाउलो के केमिकल प्लांट में भीषण आग, धमाकों से दहले लोग, घर छोड़कर भागे

Ved Prakash Sharma
Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Ved Prakash Sharma
Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Sao Paulo Chemical Plant Fire: ब्राजील के साओ पाउलो में एक केमिकल प्लांट में भीषण आग लगने के बाद कई धमाके हुए. धमाकों से भयभीत लोग घर से बाहर निकल गए. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 30 गाड़ियां और 60 से ज्यादा दमकलकर्मी जुटे हुए हैं.

आग लगने से घने धुएं और आग की लपटें आसमान में काफी ऊपर तक उठ रही हैं और 150 लोगों को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. ग्रेटर साओ पाउलो के इटाक्वाक्वेसेटुबा में एक सॉल्वेंट प्लांट में ये आग स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 3 बजे लगी.

घटनास्थल के वीडियो और तस्वीरों में फैक्ट्री से उठती आग की विशाल लपटें और 100 फीट से ज्यादा ऊंचाई तक उठता घना धुआं दिख रहा है. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटनास्थल पर कई धमाके हुए हैं.

सॉल्वेंट टैंक आग में घी डालने का कर रहे काम

एक वीडियो में जमीन से मैनहोल का ढक्कन फटकर उछलता हुआ दिखाई नजर आ रहा है. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस धमाके की वजह से वहां से गुजर रहा एक व्यक्ति गिर पड़ा. प्लांट में सॉल्वेंट के 24 टैंक हैं और ये आग में घी का काम कर रहे हैं. इसके अलावा आग एक ऐसे औद्योगिक इलाके में लगी है, जहां बहुत ज्यादा ज्वलनशील उत्पाद रखे हैं, जिससे धमाके का खतरा और बढ़ गया है.

काटी गई आस-पास के इलाकों की बिजली

साओ पाउलो की मिलिट्री फायर ब्रिगेड ने कहा, “अब तक पीड़ितों का कोई रिकॉर्ड नहीं है.” पता चला है कि आस-पास के इलाके में बिजली काट दी गई है और 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है. प्रभावित कंपनी क्वेमा क्विमिका  है, जो सॉल्वेंट्स और पॉलिएस्टर रेजिन का उत्पादन और विपणन करती है. फैक्ट्री में सॉल्वेंट स्टोर करने के लिए 24 टैंक हैं, जिनमें से हर एक की क्षमता लगभग 31 क्यूबिक मीटर है. फायर ब्रिगेड की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी हैं.

Latest News

नेपाल में राष्ट्रीय प्रतिबंध के बावजूद गंडकी प्रांत ने दी गांजे को कानूनी मंजूरी, जानें क्यों लिया गया फैसला?

Kathmandu: नेपाल में एक अजीबोगरीब फैसला सामने आया है. राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद देश की...

More Articles Like This