US China rivalry: चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू ने रविवार, 27 सितंबर को दावा किया कि हाल ही में शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बैठक हुई थी, जिसमें ट्रंप ने चीन को अमेरिकी हथियार बेचने का ऑफरदिया था. यहां गौर करने वाली बात ये है कि डोनाल्ड ट्रंप ने यह ऑफर इस तथ्य के बावजूद दिया है कि अमेरिका का कानून के अनुसार, चीन को हथियार नहीं बेचा जा सकता.
डेविड परड्यू ने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप लगातार कहते रहते हैं कि हम दुनिया भर में दूसरे लोगों को हथियार बेचते हैं. उन्होंने असल में राष्ट्रपति शी से पूछा था कि क्या वे कभी कुछ हथियार खरीदना चाहेंगे.”
ताइवान, ट्रंप सरकार की मंजूरी का कर रहा इंतजार
जियोपॉलिटिक्स के नजरिए से चीन को हथियार बेचने का यह ऑफर बहुत बड़ी बात है. राजदूत की ओर से यह चौंकाने वाला दावा ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति पर हुए एक इंटरव्यू में किया गया. दरअसल, पिछले साल दिसंबर में हथियारों की बिक्री के एक बड़े मल्टी-बिलियन डॉलर की डील की घोषणा के बाद से ताइवान, ट्रंप सरकार से 14 अरब डॉलर के नए हथियार बिक्री पैकेज को मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहा है.
अब बैठफुट पर ट्रंप सरकार
चीन में अमेरिकी राजदूत के इंटरव्यू के बाद, व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिका का चीन को हथियार बेचने का कोई प्लान नहीं है. वहीं अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट यानी गृह मंत्रालय ने कि अमेरिकी कानून चीन को हथियार बेचने पर रोक लगाता है और चीन को हथियार बेचने का कोई प्रस्ताव या प्लान नहीं है. दरअसल, अमेरिकी कानून और हथियारों पर प्रतिबंध सीधे तौर पर चीन को अमेरिकी हथियार बेचने पर रोक लगाते हैं.

