मंत्रजप ही मन को ईश्वर भक्ति में मजबूत बनाने की सबसे बड़ी औषधि: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मन को ईश्वर की भक्ति में मजबूत बनाने वाली एकमात्र औषध मंत्रजप है। मन पर झूठा विश्वास करने वाला ही फंस जाता है। मन जब अति शुद्ध होता है, तभी प्रभु मिलन की तीव्र-इच्छा पैदा होती है। मन बड़ा होगा तो ही परिवार एवं जीवन में शान्ति रह सकेगी। मन को जीतने वाला ही जगत विजेता बन सकता है।
मन को सख्ती से नहीं, प्रेम से समझा कर बस में रखो। मन को वासना रहित बनाने पर ही शान्ति मिल सकती है। चंचल मन को संकीर्तन द्वारा स्थिर बनाओ।मन प्रभु में रखो, तन सेवा में रखो। पश्चाताप के आंसू से मन का मैल धुलता है। सतत प्रभु स्मरण से जीवन की सार्थकता के द्वार पर पहुंचा जा सकता है।
स्मरण के साथ किया गया सत्कर्म ही प्रभु के पास पहुंचाता है। राम का स्मरण बढ़ते ही बुराई और व्यसन का दबाव कम होगा। संसार रूपी सरोवर में सावधानी से‌ नहाओ और हरि की शरण के लिए आर्द्र हृदय से प्रार्थना करो। केवल प्रभु का स्मरण ही काल के पंजे से छुड़ाता है। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
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