मन को प्रभु में डुबो दो, मन भर जायेगा, जीवन तर जायेगा: दिव्य मोरारी बापू

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हम सबके पास जो कुछ भी है, श्री भगवान की कृपा का ही बल है। हम सबमें यदि किसी को कोई अच्छी बात दिखाई देती है तो वह भगवत कृपा का ही चमत्कार है। इस संसार में किसी के पास सचमुच कोई भी साधन सम्पत्ति या किसी प्रकार की भी सिद्धि नहीं है।
जो कुछ है केवल नित्य सहज सहृद श्री भगवान की कृपा का ही बल है। बस वह कृपा ही सर्वस्व है। सकल साधना – सिद्धि – शून्य है केवल कृपा सहारा। कृपा, कृपा बस कृपा एक ही, है सर्वस्व हमारा।। इसलिए संतों से जो कोई भी साधन पूछते हैं, संत उनसे यही कहते हैं, भाई , भगवान की अहैतुकी कृपा पर भरोसा करो, उसी का आश्रय करो।भगवान की कृपा शक्ति प्रकट होती है, वहां सारी शक्तियां उसकी सहायक तथा अनुगत हो जाती हैं।
जा पर कृपा राम की होई।
ता पर कृपा करहिं सब कोई।। 
हम सबको भी भगवान की इस अहैतुकी कृपा पर विश्वास करना चाहिए। हम सब पर भगवान की असीम अनन्त कृपा है, हम सब उस कृपा-सुधा-सागर में डूब रहें, हम सबका यह विश्वास जितना ही दृढ़ और प्रत्यक्ष होगा, उतना ही हम सब उसकी महती कृपा का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
भक्ति से जीवन उन्नत होता है, व्यसन और बुराइयों से जीवन का पतन होता है। भक्ति पूर्वक किया हुआ  प्रभु-स्मरण परमात्मा के पास पहुंचाता है। मन को प्रभु में डुबो दो, मन भर जायेगा, जीवन तर जायेगा। हम सबके लिए भक्तिमार्ग श्रेय और सरल है।जिसका हृदय विशाल है और आंखें स्नेहायुक्त हैं, उसके लिए प्रभु अत्यन्त उदार हैं।
प्रभु सामने आने वाले जीव को प्रेम से गले लगाते हैं। मनुष्य धन के लिए जितना पागल बनता है, उतना प्रभु के लिए नहीं, इसीलिए भटकता है। भक्ति के बिना योग केवल स्वास्थ्य प्रदान कर सकता है और भक्ति से युक्त योग स्वास्थ्य के साथ-साथ प्रभु से भी मिला सकता है। आत्म दृष्टि से भक्ति-भाव प्रकट होता है और शरीर दृष्टि से मोह उत्पन्न होता है। प्रभु की भक्ति में प्रमाद न करें। सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना।
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