31 March 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा जाता है. ज्योतिष हिंदू पंचांग से रोजाना शुभ अशुभ मुहूर्त राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हैं. आइए काशी के ज्योतिष से जानते हैं 31 मार्च, दिन मंगलवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के बारे में…
आज का पंचांग
31 मार्च को चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि और मंगलवार का दिन है. चतुर्दशी तिथि मंगलवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर के बुधवार सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगी. 31 मार्च को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट तक पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा. इसके अलावा मंगलवार को महावीर जयंती भी है.
31 मार्च 2026 का पंचांग
- चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि – 31 मार्च 2026 को पूरा दिन पूरी रात पार कर के बुधवार सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक
- पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र– 31 मार्च 2026 को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट तक
- 31 मार्च 2026 व्रत-त्यौहार– महावीर जयंती
राहुकाल का समय
- दिल्ली – दोपहर बाद 03:32 – 05:05 PM
- मुंबई- दोपहर बाद 03:48 – 05:20 PM
- चंडीगढ़- दोपहर बाद 03:34 – 05:08 PM
- लखनऊ- दोपहर बाद 03:17 – 04:50 PM
- भोपाल- दोपहर बाद 03:30 – 05:02 PM
- कोलकाता- दोपहर 02:46 – 04:19 PM
- अहमदाबाद- दोपहर बाद 03:49 – 05:31 PM
- चेन्नई- दोपहर बाद 03:17 – 04:48 PM
सूर्योस्त-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- सुबह 6:12 am
- सूर्यास्त- शाम 6:38 pm
महावीर जयंती
31 मार्च को महावीर जयंती मनाई जाएगी, जो जैन धर्म का सबसे प्रमुख और पवित्र पर्व माना जाता है. यह दिन सत्य, अहिंसा और प्रेम जैसे महान सिद्धांतों का संदेश देता है और लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर Mahavira स्वामी के जन्मोत्सव के रूप में इस पर्व को पूरे देश में बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भव्य शोभायात्राएं भी निकाली जाती हैं.
भगवान महावीर का जन्म ईसा पूर्व 599 में बिहार के वैशाली स्थित कुंडलपुर में एक क्षत्रिय राजघराने में हुआ था. उन्होंने मात्र 30 वर्ष की आयु में राजसी जीवन का त्याग कर संन्यास धारण किया और सत्य की खोज में निकल पड़े.अपने जीवनकाल में उन्होंने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम का जो संदेश दिया, वह आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सही दिशा दिखाने का काम करता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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