सतुआ संक्रांति के दिन इन चीजों का करें दान, तृप्त होंगे आपके पूर्वज

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Satua Sankranti: आज देश भर में सतुआ संक्रांति या सतुआन पर्व मनाया जा रहा है. इस दिन घड़ा, पंखा, सत्तू और ठंडे फलों का दान करने का विधान है. मान्यता है कि ये दान करने से ढेरों पुण्य प्राप्त होते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दान से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और पूर्वजों की आत्माएं तृप्त हो जाती हैं. सतुआ संक्रांति गर्मी के मौसम की शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है.

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने राजा बलि को पराजित करने के बाद सबसे पहले सत्तू का भोजन किया था. इसी वजह से इस दिन सत्तू का सेवन और दान करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है.

क्‍या है सतुआ संक्रांति का महत्‍व

धर्म शास्त्र के विद्वानों के अनुसार, सतुआ संक्रांति का पर्व सनातन धर्म में अति महत्व रखता है. यह दिन भगवान सूर्य के राशि परिवर्तन से जुड़ा है. आज सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं. इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और सूर्य देव की पूजा-अर्चना करते हैं.

सतुआ संक्रांति के दिन इन चीजों का करें दान

पूजा-पाठ के बाद श्रद्धालु सत्तू, जल से भरा घड़ा, गुड़, मौसमी फल जैसे बेल, तरबूज, खरबूज और कच्चा आम, ककड़ी, खीरा आदि का दान करते हैं. भरा हुआ घड़ा दान करने से पितर तृप्त होते हैं जबकि सत्तू दान करने से देवता प्रसन्न होते हैं और पापों का नाश होता है. यही नहीं यह दिन ग्रह दोष शांति से भी जुड़ा है, जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, वे इस दिन जल से भरा घड़ा दान करें तो चंद्रमा बलवान होता है.

खरमास का समापन

यह दिन मेष संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास का समापन हो जाता है. खरमास खत्म होने के बाद शुभ कार्य जैसे विवाह, उपनयन संस्कार और अन्य मांगलिक अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं.

पवित्र होने के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी होता है सत्‍तू

धर्म में सत्तू को जितना पवित्र माना जाता है, उतना ही यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी है. गर्मी के मौसम में सत्तू का सेवन शरीर में एनर्जी बनाए रखता है. सत्तू का शरबत पीने से शरीर की तपिश दूर होती है और ठंडक मिलती है. यह फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पेट की गर्मी कम होती है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है.

आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, गर्मी के दिनों में लू से बचने के लिए घर से निकलने से पहले सत्तू या सत्तू का शरबत पी लें तो लू लगने का खतरा बहुत कम हो जाता है. सत्तू प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने में मदद करता है.

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