PM SETU scheme: पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) योजना के तहत देशभर के 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक रूप दिया जाएगा. इस संबंध में शनिवार को कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने जानकारी दी. मंत्रालय के मुताबिक, योजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल पर लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 200 आईटीआई को हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक मशीनों, आधुनिक बुनियादी ढांचे और नई तकनीकों के जरिए प्रशिक्षण दिया जाएगा.
वहीं, शेष 800 आईटीआई को स्पोक के तौर पर जोड़ा जाएगा, जिससे जिलों और आसपास के क्षेत्रों तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित की जा सके.
महाराष्ट्र के साथ मिलकर आगे बढ़ाई जा रही योजना
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर इस योजना को आगे बढ़ा रहा है. योजना की शुरुआत के तहत पुणे में एक बड़ा उद्योग परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य उद्योगों को योजना से जोड़ना और उन्हें इसके कार्यान्वयन में भागीदार बनाना है, ताकि प्रशिक्षण उद्योगों की जरूरतों के अनुसार दिया जा सके. मंत्रालय के अनुसार, इस परामर्श कार्यक्रम में 50 से ज्यादा योग्य कंपनियां हिस्सा लेंगी. ये कंपनियां निर्माण, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, तेल और गैस तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से जुड़ी होंगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 में किया था योजना का शुभारंभ
पीएम-सेतु योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में की थी. इस योजना का उद्देश्य देशभर के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाकर उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि युवाओं को उच्च गुणवत्ता का कौशल प्रशिक्षण मिल सके और उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि हो. योजना के तहत आईटीआई सरकार के स्वामित्व में तो रहेंगे, लेकिन उनके संचालन में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी होगी. इससे युवाओं को मांग आधारित प्रशिक्षण के साथ अप्रेंटिसशिप और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे.
उद्योगों की दीर्घकालिक भागीदारी पर जोर
अधिकारियों के अनुसार, यह परामर्श कार्यक्रम उद्योगों को केवल कभी-कभार जुड़ने की बजाय लंबे समय तक कौशल विकास व्यवस्था का हिस्सा बनने का मौका देगा. साथ ही, उद्योग प्रशिक्षण से जुड़े फैसलों और संचालन में भी भूमिका निभा सकेंगे. इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा, जिससे उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत हो सके. इन समझौतों में महाराष्ट्र सरकार के व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशालय (डीवीईटी) का फिएट इंडिया, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया और अनुदीप फाउंडेशन के साथ समझौता शामिल होगा.
क्लस्टर मॉडल से मजबूत होंगे प्रशिक्षण और रोजगार अवसर
इसके अलावा डीवीईटी और एसडीएन/वाधवानी के बीच भी साझेदारी की जाएगी. इस क्लस्टर मॉडल के माध्यम से उद्योग सीधे प्रशिक्षण संस्थानों के संचालन में भागीदारी कर सकेंगे, जिससे प्रशिक्षण को श्रम बाजार की जरूरतों के अनुरूप ढाला जा सकेगा. इसके साथ ही पाठ्यक्रमों में सुधार होगा, शिक्षकों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा और अप्रेंटिसशिप व रोजगार के अवसर और मजबूत किए जा सकेंगे.
यह भी पढ़े: केंद्र सरकार लाएगी गिग वर्कर्स के लिए नई लोन स्कीम, बिना गारंटी मिलेंगे 10,000 रुपये

