AI Economy: एआई अगले 10 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था में जोड़ सकता है 79 अरब डॉलर: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

AI Economy: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दे सकती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक दशक में AI भारत की GDP में 79.1 अरब डॉलर तक का अतिरिक्त योगदान कर सकती है. AI क्षमता के मामले में भारत 56 कॉमनवेल्थ देशों में 11वें स्थान पर है. युवाओं की बड़ी आबादी, मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे और तकनीक को तेजी से अपनाने की क्षमता के चलते वैश्विक AI परिदृश्य में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

गुरुवार को जारी आयर थिंक टैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के करीब 38.2 करोड़ युवा हैं. यह संख्या कॉमनवेल्थ देशों की कुल 73.2 करोड़ युवा आबादी के आधे से भी अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, युवाओं की इतनी बड़ी आबादी भारत को AI आधारित अर्थव्यवस्था के विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है.

89 प्रतिशत युवा AI का इस्तेमाल करना चाहते हैं

रिपोर्ट में भारतीय युवाओं के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ते उत्साह का भी जिक्र किया गया है. इसके मुताबिक, करीब 89 प्रतिशत युवा अगले एक वर्ष के भीतर शिक्षा या रोजगार से जुड़े कामों में AI का इस्तेमाल करना चाहते हैं. वहीं, 60 प्रतिशत से अधिक युवाओं ने कहा कि उन्हें AI आधारित उपकरणों के साथ काम करने और उनका उपयोग करने का आत्मविश्वास है. भारत का व्यापक डिजिटल बुनियादी ढांचा, मजबूत 4G कनेक्टिविटी और दुनिया के सबसे सस्ते मोबाइल डेटा में शामिल दरें AI को अपनाने की क्षमता को बढ़ावा दे रही हैं. हालांकि, रिपोर्ट में डिजिटल पहुंच से जुड़ी चुनौती भी सामने आई है. इसके अनुसार, अभी केवल करीब दो-तिहाई युवाओं के पास ही अपना व्यक्तिगत मोबाइल फोन है.

रोजगार और कौशल विकास में AI की अहम भूमिका

रिपोर्ट में भारत के श्रम बाजार से जुड़ी चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया गया है. इसके अनुसार, करीब 30 प्रतिशत युवा रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण से बाहर हैं. वहीं, लगभग 86 प्रतिशत युवा कार्यबल असंगठित क्षेत्र में काम करता है. ऐसे में AI आधारित कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावहारिक कौशल के जरिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकता है.

भारत की GDP में कितना योगदान दे सकती है AI?

आयर थिंक टैंक के विश्लेषण के अनुसार, मध्यम अनुमान के आधार पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगले 10 वर्षों में भारत की GDP में 79.1 अरब डॉलर का अतिरिक्त योगदान दे सकती है. वहीं, सतर्क अनुमान के तहत यह योगदान 39.6 अरब डॉलर और आशावादी स्थिति में 118.7 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. इस आकलन के आधार पर AI से मिलने वाले आर्थिक लाभ के मामले में भारत कॉमनवेल्थ देशों में दूसरे सबसे बड़े अवसर के रूप में उभरता है.

युवाओं को AI कौशल देने के लिए सरकार की पहल

आयर थिंक टैंक के संस्थापक कैल्विन आयर ने कहा कि भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं को रोजगार सृजन में बदलने की दिशा में पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. उन्होंने बताया कि अगस्त 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्ष के भीतर एक करोड़ युवाओं को AI कौशल प्रदान करने की योजना की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार ने इंटेल इंडिया के सहयोग से नए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उभरते प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार बाजार के लिए व्यावहारिक कौशल उपलब्ध कराना है. कैल्विन आयर के मुताबिक, ये पहल भारत में AI को लेकर मौजूद उत्साह को रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक विकास में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

AI से अधिकतम लाभ के लिए रिपोर्ट में सुझाए गए पांच क्षेत्र

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत AI के लिए तैयार कार्यबल विकसित करने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उद्योग साझेदारियों को बढ़ावा दे रहा है. इससे युवाओं को भविष्य की तकनीक आधारित नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है. रिपोर्ट ने AI से अधिकतम लाभ हासिल करने के लिए सरकारों के सामने पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है.

  1. तकनीक तक सस्ती पहुंच: अधिक से अधिक लोगों तक AI तकनीक की किफायती पहुंच सुनिश्चित करना.
  2. कौशल आधारित शिक्षा: युवाओं को AI और नई तकनीकों से जुड़े व्यावहारिक कौशल सिखाने वाली शिक्षा को बढ़ावा देना.
  3. प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर संपर्क: कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना.
  4. स्थानीय जरूरतों के अनुसार AI समाधान: स्थानीय भाषाओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए AI आधारित समाधान विकसित करना.
  5. सुरक्षा उपाय: ऐसे सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित करना, जिनके तहत लोग स्वचालित निर्णयों को चुनौती दे सकें.
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