Delhi-NCR Tech Sector Investments: दिल्ली-एनसीआर का स्टार्टअप और टेक सेक्टर लगातार निवेशकों को आकर्षित कर रहा है. हालांकि इस बार निवेश की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले थोड़ी धीमी रही, लेकिन बड़े और मजबूत कारोबारों में पैसा लगाने का सिलसिला जारी है. 2026 की पहली तिमाही में दिल्ली-एनसीआर के टेक इकोसिस्टम ने 110 फंडिंग राउंड्स के जरिए 1.7 अरब डॉलर जुटाए.
पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.9 अरब डॉलर था. यानी निवेश थोड़ा कम जरूर हुआ, लेकिन बाजार में भरोसा अब भी बना हुआ है. सोमवार को जारी ट्रैक्सन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की रिपोर्ट बताती है कि अब निवेशक हर स्टार्टअप में पैसा लगाने के बजाय चुनिंदा कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं, खासकर उन कारोबारों पर जिनका मॉडल मजबूत और लंबे समय के लिए टिकाऊ माना जा रहा है.
बड़े सौदों पर रहा निवेशकों का फोकस
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली तिमाही में जहां 153 सौदे हुए थे, वहीं इस साल यह संख्या घटकर 110 रह गई. लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि कुल निवेश का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा बड़े सौदों में ही गया. सिर्फ टॉप तीन डील्स की वैल्यू 1.2 अरब डॉलर रही, जो पूरी तिमाही के कुल निवेश का करीब 71 प्रतिशत हिस्सा है. यानी साफ है कि निवेशक अब मात्रा से ज्यादा गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं.
किन कंपनियों में सबसे ज्यादा पैसा लगा?
इस बार सबसे ज्यादा निवेश एंटरप्राइज इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में देखने को मिला. इस सेक्टर ने अकेले 869.1 मिलियन डॉलर जुटाए. इसके बाद पर्यावरण प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 434 मिलियन डॉलर का निवेश आया. वहीं एंटरप्राइज एप्लिकेशन सेक्टर भी निवेशकों की पसंद बना रहा. इन तीनों सेक्टर्स ने मिलकर कुल निवेश का बड़ा हिस्सा अपने नाम किया. इससे यह भी संकेत मिलता है कि निवेशकों का झुकाव अब ऐसे कारोबारों की तरफ बढ़ रहा है, जो लंबे समय तक स्थिर ग्रोथ दे सकते हैं.
डेटा सेंटर कारोबार ने खींचा सबसे ज्यादा निवेश
डेटा सेंटर से जुड़ी कंपनियां इस तिमाही में सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं. इस सेक्टर ने एक ही दौर में 710 मिलियन डॉलर जुटाए. इसके अलावा उन्नत सौर ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में 344 मिलियन डॉलर और विपणन अनुकूलन क्षेत्र में 150 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ. हालांकि बी2सी ग्रोसरी ई-कॉमर्स, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता और ईवी चार्जिंग समाधान देने वाली कंपनियां भी निवेशकों की नजर में रहीं, लेकिन इनके मुकाबले इनमें कम पैसा लगाया गया.
गुरुग्राम सबसे आगे, नोएडा और दिल्ली पीछे
पूरे दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा निवेश गुरुग्राम में आया. कुल फंडिंग का 52 प्रतिशत हिस्सा अकेले गुरुग्राम के पास रहा. नोएडा 27 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जबकि दिल्ली को 20 प्रतिशत निवेश मिला. दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम — इन तीनों शहरों ने मिलकर पूरे क्षेत्र की 99 प्रतिशत फंडिंग अपने नाम की.
बाजार में सतर्कता साफ दिख रही
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 2026 की पहली तिमाही में 9 अधिग्रहण दर्ज किए गए, जो पिछले साल के बराबर हैं. वहीं शेयर बाजार में सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग हुई. कुल मिलाकर तस्वीर यही दिखती है कि इस समय निवेशक तेजी से बढ़ने वाले ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय ऐसे कारोबारों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनकी बुनियाद मजबूत हो और जिनमें लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता हो.
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