FY26 Q3 Results: स्मॉलकैप कंपनियों की कमाई सबसे तेज, मिडकैप-लार्जकैप को छोड़ा पीछे

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

FY26 की तीसरी तिमाही में कंपनियों की कमाई मजबूत रही और इस दौरान स्मॉलकैप कंपनियों का प्रदर्शन मिडकैप व लार्जकैप से बेहतर रहा. सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इक्विरस सिक्योरिटीज ने बताया कि स्मॉलकैप शेयरों ने साल-दर-साल आधार पर 22% की प्रभावशाली आय वृद्धि दर्ज की. यह वृद्धि मिडकैप की 15% और लार्जकैप की 14% बढ़ोतरी से काफी अधिक है, जो कॉर्पोरेट आय में व्यापक सुधार का संकेत देती है.

राजस्व, EBITDA और PAT में उम्मीद से ज्यादा वृद्धि

रिपोर्ट के अनुसार, सभी कंपनियों के राजस्व में सालाना आधार पर 10% की वृद्धि हुई, जबकि EBITDA और PAT में क्रमशः 14% और 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार की अपेक्षाओं से अधिक है. लगभग 36% कंपनियों के प्रति शेयर आय (EPS) में वृद्धि देखी गई, जो बेहतर व्यावसायिक आधार और कई उद्योगों में मजबूत मांग को दर्शाती है.

किन सेक्टरों में EPS बढ़ा और कहां गिरावट रही

तीसरी तिमाही के दौरान ऑटोमोबाइल, बैंक व एनबीएफसी, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, एफएमसीजी और आईटी सेक्टर में प्रति शेयर आय (EPS) में बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं भवन निर्माण सामग्री, सीमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, रसायन, रियल एस्टेट और रिटेल क्षेत्रों में EPS में गिरावट देखी गई. यह रुझान अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन श्रेणियों में निवेशकों के बढ़ते भरोसे और भविष्य में आय में सुधार की उम्मीदों को दर्शाता है.

टियर-2 और टियर-3 शहरों की कंपनियां बाजार में सक्रिय

इक्विरस ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय गर्ग ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों की कंपनियां पूंजी बाजार में प्रवेश कर रही हैं, क्योंकि उनके संस्थापक कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं. इक्विरस सिक्योरिटीज के डायरेक्टर और रिसर्च हेड मौलिक पटेल के अनुसार, FY26 की चौथी तिमाही के लिए निर्माण कंपनियों को मिलने वाले एनएचएआई ऑर्डर, गर्मी के मौसम में उपभोक्ता मांग, अमेरिकी बाजार की स्थिति और आरबीआई की ब्याज दर नीतियां प्रमुख कारक रहेंगी, जो BFSI सेक्टर के NIM को प्रभावित कर सकती हैं.

सीमेंट, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय कंपनियों के संकेत

उन्होंने कहा कि सीमेंट की कीमतों में बढ़ोतरी और मांग में तेजी से निकट अवधि में सहारा मिल सकता है, हालांकि नई क्षमता वृद्धि से उपयोग दर पर दबाव पड़ने की आशंका है. वहीं लॉजिस्टिक्स सेक्टर को EXIM गतिविधियों में सुधार और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) कनेक्टिविटी से लाभ मिल रहा है. तीसरी तिमाही में वित्तीय सेवा कंपनियों ने परिसंपत्ति गुणवत्ता में स्थिरता और ऋण वृद्धि की अच्छी गति बनाए रखी, जबकि उपभोक्ता क्षेत्रों को विवेकाधीन खर्च में सुधार का फायदा हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक EMS और आईटी कंपनियों में सौदों की निरंतरता और मजबूत निष्पादन से भविष्य की आय संभावनाओं को समर्थन मिला.

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