Gold Hallmarking Charges: सोने की हॉलमार्किंग फीस बढ़ी, जानें गहने खरीदने वालों पर कितना पड़ेगा असर

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Gold Hallmarking Charges: त्योहारों और शादियों के सीजन में सोने के गहनों की खरीदारी बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप भी आने वाले दिनों में गोल्ड ज्वेलरी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो हॉलमार्किंग से जुड़ा यह बदलाव आपके लिए जानना जरूरी है. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की वस्तुओं की हॉलमार्किंग फीस में बढ़ोतरी की है. अब ज्वेलर्स को एक सोने की वस्तु की हॉलमार्किंग के लिए पहले के 45 रुपये की बजाय 75 रुपये चुकाने होंगे. यानी प्रति वस्तु हॉलमार्किंग चार्ज में 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.हालांकि, फीस बढ़ने का यह मतलब नहीं है कि ग्राहकों को हर सोने के गहने की खरीद पर सीधे 30 रुपये अतिरिक्त देने ही होंगे. हॉलमार्किंग फीस और गहने की अंतिम कीमत के बीच क्या संबंध है, यह समझना भी जरूरी है. आइए जानते हैं नए नियम के बाद क्या बदला है और सोने के गहने खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

सोने की हॉलमार्किंग फीस अब कितनी हुई?

नए नियमों के तहत सोने की एक वस्तु की हॉलमार्किंग फीस 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दी गई है. इस तरह एक वस्तु पर हॉलमार्किंग शुल्क में 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही एक खेप के लिए न्यूनतम हॉलमार्किंग फीस 200 रुपये निर्धारित की गई है. वहीं, चांदी के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है. चांदी की एक वस्तु के लिए हॉलमार्किंग शुल्क पहले की तरह 35 रुपये है. इसकी एक खेप के लिए न्यूनतम शुल्क 150 रुपये रखा गया है. यह संशोधित व्यवस्था 14 सितंबर 2026 से लागू हो गई है.

क्या हर गहने पर 30 रुपये ज्यादा देने होंगे?

हॉलमार्किंग फीस बढ़ने के बाद ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब हर सोने के गहने की कीमत 30 रुपये बढ़ जाएगी. इसका जवाब सीधे तौर पर हां नहीं है.  हॉलमार्किंग की फीस ज्वेलर्स की ओर से मान्यता प्राप्त परख और हॉलमार्किंग केंद्र (AHC) को दी जाती है. नियमों में ग्राहक से अलग से 75 रुपये हॉलमार्किंग फीस वसूलने का कोई प्रावधान नहीं बताया गया है. ऐसे में ज्वेलर इस अतिरिक्त खर्च को खुद वहन कर सकता है या फिर अपनी लागत के हिसाब से इसे गहने की कुल कीमत में शामिल कर सकता है. इसलिए सिर्फ हॉलमार्किंग शुल्क में 30 रुपये की बढ़ोतरी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि हर सोने का आभूषण अब 30 रुपये महंगा हो जाएगा.

सोने के गहने खरीदते समय हॉलमार्क जरूर चेक करें

सोने की शुद्धता को लेकर ग्राहकों को भरोसा देने में हॉलमार्क की अहम भूमिका होती है. इसलिए गहना खरीदते समय उसकी कीमत के साथ-साथ उस पर मौजूद हॉलमार्क की जानकारी भी जरूर जांचनी चाहिए.

खरीदारी के दौरान इन चीजों पर खास ध्यान दें:

  • गहने पर BIS का मानक चिह्न जरूर देखें.
  • सोने की शुद्धता या फाइननेस नंबर की जांच करें.
  • गहने पर दिया गया 6 अंकों वाला HUID नंबर जरूर देखें.
  • HUID नंबर के जरिए हॉलमार्क से जुड़ी जानकारी को सत्यापित किया जा सकता है.

सोने की हॉलमार्किंग में कौन-कौन से ग्रेड शामिल हैं?

BIS के अनुसार सोने के आभूषणों में अलग-अलग शुद्धता के हिसाब से कई ग्रेड की हॉलमार्किंग की जाती है. इनमें 14K (585), 18K (750), 20K (833), 22K (916), 23K (958) और 24KS (995) जैसे ग्रेड शामिल हैं. इसलिए सोने का गहना खरीदते समय सिर्फ उसकी डिजाइन और कीमत पर ध्यान देने के बजाय उसकी शुद्धता, BIS हॉलमार्क और HUID नंबर की भी जांच करना जरूरी है.

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