Gold Silver Import Duty: केंद्र सरकार की ओर से सोने, चांदी और प्लेटिनम पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले के बाद देश के सर्राफा और शेयर बाजार में बड़ा असर देखने को मिला है. एक तरफ आभूषण कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है. सरकार के इस फैसले ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को उपकर सहित 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. वहीं प्लेटिनम पर शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है. माना जा रहा है कि इस फैसले का सीधा असर आभूषण कारोबार और आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा.
आभूषण कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट
आयात शुल्क बढ़ने के बाद आभूषण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. स्काई गोल्ड एंड डायमंड का शेयर सुबह करीब 11 बजे 7 प्रतिशत टूटकर 442 रुपए पर पहुंच गया. पी एन गाडगिल ज्वैलर्स के शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई और यह 618 रुपए पर कारोबार करता दिखाई दिया. इसी तरह टाइटन का शेयर गिरकर 4,034 रुपए पर पहुंच गया, जबकि कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 5 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखी गई. दक्षिण भारत की बड़ी आभूषण कंपनी थंगामयिल ज्वेलरी के शेयरों में भी करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
सरकार ने क्यों बढ़ाया आयात शुल्क?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह फैसला वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की रणनीति का हिस्सा है. सरकार की कोशिश है कि गैर-जरूरी आयात को कम किया जाए और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित रखा जाए. सरकार का मानना है कि कीमती धातुओं के आयात पर अधिक खर्च होने से विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है. ऐसे में आयात शुल्क बढ़ाकर देश की आर्थिक मजबूती को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.
सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल
आयात शुल्क बढ़ने का असर घरेलू सर्राफा बाजार में तुरंत दिखाई दिया. सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई. बहु-वस्तु विनिमय बाजार में 5 जून 2026 वाले सोने के सौदे में 5.71 प्रतिशत की तेजी आई और इसका भाव बढ़कर 1,62,198 रुपए तक पहुंच गया. वहीं 3 जुलाई 2026 वाली चांदी का भाव भी 5.75 प्रतिशत उछलकर 2,95,111 रुपए पर पहुंच गया.
आम ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में आभूषण खरीदना और महंगा हो सकता है. शादी-ब्याह और त्योहारों के मौसम से पहले कीमतों में आई इस तेजी का असर ग्राहकों की मांग पर पड़ सकता है. इसके अलावा आभूषण कारोबार से जुड़ी कंपनियों के मुनाफे पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
आगे क्या हो सकता है?
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी रहती है और आयात शुल्क लंबे समय तक ऊंचा बना रहता है, तो घरेलू बाजार में कीमतें और बढ़ सकती हैं. इससे निवेशकों की रणनीति और उपभोक्ताओं की खरीदारी दोनों प्रभावित हो सकती हैं.
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