अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए अहम हो सकता है. 2 जुलाई 2026 को देशभर में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में हल्की रिकवरी देखने को मिली है. सोने की कीमतों में आई कमी से खरीदारों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बाजार में अभी भी आगे के रुझान को लेकर सतर्कता बनी हुई है. दूसरी ओर, चांदी में निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से इसके भाव में सुधार देखने को मिला है.
आज कितना सस्ता हुआ सोना?
आज 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,44,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है. यह पिछले कारोबारी दिन की तुलना में करीब 1.3% की गिरावट है. इससे पहले 24 कैरेट सोना 1,46,454 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था, यानी एक दिन में इसकी कीमत 1,904 रुपये प्रति 10 ग्राम तक कम हो गई.
वहीं 18 कैरेट सोने की बात करें तो इसकी कीमत आज 1,08,412.50 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है. इसमें भी पिछले दिन के मुकाबले 1,428 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है. कीमतों में आई इस कमी का असर छोटे वजन पर भी साफ दिखाई दे रहा है. आज 24 कैरेट सोने का 1 ग्राम भाव करीब 190 रुपये तक घट गया है, जबकि 100 ग्राम सोने की कीमत में लगभग 19,000 रुपये की कमी दर्ज की गई है.
चांदी की कीमतों में लौटी मजबूती
सोने के विपरीत आज चांदी के बाजार में रिकवरी देखने को मिली है. हाजिर बाजार (स्पॉट मार्केट) में निचले स्तरों पर बढ़ी खरीदारी के कारण चांदी की कीमतों में करीब 0.64% की तेजी दर्ज की गई. इस बढ़त के बाद चांदी का भाव पिछले बंद स्तर की तुलना में लगभग 1,400 से 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गया है.
रिकवरी के बाद देश के खुदरा बाजारों में चांदी की कीमत फिर से 2,40,100 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई है. वहीं कुछ चुनिंदा बाजारों में स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण इसका भाव 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक देखा जा रहा है. यदि प्रति ग्राम के हिसाब से देखें तो चांदी की कीमत करीब 240.10 रुपये से बढ़कर 245 रुपये प्रति ग्राम के बीच पहुंच गई है.
क्यों लगातार गिर रही हैं सोने की कीमतें?
सोने की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट की सबसे बड़ी वजह बाजार में बढ़ी हुई बिकवाली मानी जा रही है. निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के बीच यह आशंका बनी हुई है कि आने वाले दिनों में सोना और सस्ता हो सकता है. इसी कारण बड़ी संख्या में लोग नई खरीदारी करने के बजाय अपना पुराना सोना बेच रहे हैं. चालू तिमाही के दौरान भारतीयों ने करीब 50 टन पुराना सोना बाजार में बेचा है, जिससे स्थानीय बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं. निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है. ऐसे माहौल में निवेशक बिना ब्याज वाले सोने की तुलना में सरकारी बॉन्ड्स जैसे विकल्पों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के मजबूत होने से वैश्विक बाजार में दूसरी मुद्राओं के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिससे इसकी मांग पर असर पड़ा है.
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