IDFC First Bank Fraud Case: चंडीगढ़ शाखा घोटाले में 645 करोड़ का भुगतान, जांच जारी

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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IDFC First Bank Fraud Case: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को जानकारी दी कि चंडीगढ़ शाखा में सामने आए धोखाधड़ी मामले से जुड़े दावों के रूप में उसने कुल 645 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है. यह रकम बैंक के शुरुआती अनुमान से करीब 55 करोड़ रुपये अधिक है.

बैंक के अनुसार शुरुआत में लगभग 590 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया था, लेकिन बाद में मिले दावों के आधार पर कुल भुगतान 645 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

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जांच में अब तक नहीं मिला नया मामला

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि यह सभी दावे उसी घटना और चंडीगढ़ की उसी शाखा से जुड़े हुए हैं. जांच के दौरान किसी नए धोखाधड़ी मामले का पता नहीं चला है.

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संबंधित खातों का मिलान पूरा कर लिया गया है और 25 फरवरी 2026 के बाद देशभर से इस मामले से जुड़ा कोई नया दावा सामने नहीं आया है.

ग्राहकों को भुगतान, दोषियों पर कार्रवाई जारी

बैंक ने कहा कि अपने सिद्धांतों के अनुसार प्रभावित ग्राहकों को भुगतान किया गया है. साथ ही धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी ताकि बैंक को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके.

जमा राशि पर नहीं पड़ा असर

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अनुसार इस घटना के बावजूद बैंक की जमा राशि स्थिर बनी हुई है. 28 फरवरी तक बैंक का कुल डिपॉजिट लगभग 2,92,381 करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर के अंत में 2,91,133 करोड़ रुपये था.

बैंक का कहना है कि ग्राहकों के भरोसे की वजह से बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है.

फॉरेंसिक ऑडिट और अधिकारियों पर कार्रवाई

इस मामले की जांच के लिए बैंक ने केपीएमजी को फॉरेंसिक ऑडिट का जिम्मा सौंपा है. अंतिम रिपोर्ट चार से पांच सप्ताह में आने की उम्मीद है.

जांच पूरी होने तक बैंक ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. इससे पहले यह भी सामने आया था कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था.

हरियाणा सरकार ने उठाया कदम

घटना के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद इस पूरे घोटाले की सच्चाई और स्पष्ट हो सकती है.

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