India Egypt Trade Growth: भारत और मिस्र के बीच आर्थिक रिश्ते अब तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं. मुंबई में आयोजित एक अहम बिजनेस मीटिंग में दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को लेकर बड़े संकेत दिए हैं. खास बात यह है कि द्विपक्षीय व्यापार को 12 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर फिर से जोर दिया गया, जिससे साफ है कि आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होने वाली है.
मुंबई में हाई-लेवल बिजनेस मीटिंग
मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई (World Trade Center Mumbai) में आयोजित बिजनेस डेलिगेशन मीटिंग में भारत और मिस्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, पर्यटन और फार्मास्युटिकल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया.
12 अरब डॉलर व्यापार लक्ष्य पर फोकस
मुंबई स्थित मिस्र की महावाणिज्य दूत डाहलिया मोहम्मद नाजिह मोहम्मद तवाकोल (Dahlia Mohamed Nazih Mohamed Tawakkol) ने कहा कि भारत और मिस्र के बीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंध रहे हैं. उन्होंने बताया कि दोनों देश आने वाले वर्षों में आपसी व्यापार को 12 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं. फिलहाल दोनों देशों के बीच लगभग 5 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है, जिसे 2030 तक बढ़ाने की योजना है.
रणनीतिक साझेदारी से बढ़ी मजबूती
दोनों देशों के बीच जून 2023 में रणनीतिक साझेदारी समझौता हुआ था, जबकि अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली में रणनीतिक संवाद आयोजित किया गया. इन पहलों से द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा मिली है और व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं
इन सेक्टर्स में अपार संभावनाएं
डाहलिया तवाकोल ने ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, फार्मास्युटिकल और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों को सहयोग के लिए अहम बताया. उन्होंने खासतौर पर सूएज नहर आर्थिक क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह तेजी से वैश्विक व्यापार का बड़ा केंद्र बन रहा है और भारतीय कंपनियों के लिए यहां निवेश के कई अवसर मौजूद हैं.
निर्यात और उद्योग सहयोग पर जोर
मिस्र की ओर से स्ट्रॉबेरी, अंगूर, उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक वायर जैसे उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. वहीं भारतीय कंपनियां भी मिस्र में निवेश बढ़ा रही हैं, जिससे दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते और मजबूत हो रहे हैं.
पर्यटन और संस्कृति भी बनेंगे कड़ी
एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन विजय कलंत्री (Vijay Kalantri) ने कहा कि व्यापार के साथ-साथ पर्यटन और सांस्कृतिक संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं. उनका मानना है कि जब आर्थिक और सांस्कृतिक जुड़ाव साथ चलता है, तो रिश्ते और ज्यादा मजबूत होते हैं.
लॉजिस्टिक चुनौतियों पर काम जारी
विजय कलंत्री ने बताया कि भारत और मिस्र के बीच व्यापार करने में कोई बड़ी बाधा नहीं है. हालांकि, कुछ लॉजिस्टिक चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन उन्हें तेजी से दूर किया जा रहा है. वीजा प्रक्रिया, माल ढुलाई और लोगों की आवाजाही को आसान बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे.
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