India Power Capacity: भारत का पावर सेक्टर तेजी से मजबूती की ओर बढ़ रहा है. सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 तक देश की कुल ऊर्जा क्षमता बढ़कर 520.51 गीगावाट हो गई है. वहीं, बिजली की कमी घटकर दिसंबर 2025 में महज 0.03 प्रतिशत रह गई, जो पहले वित्त वर्ष 2014 में 4.2 प्रतिशत थी.
एक साल में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सरकारी दस्तावेज के अनुसार, FY25-26 में 31 जनवरी 2026 तक देश की ऊर्जा क्षमता में 52,537 मेगावाट यानी 52.53 गीगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह किसी एक वित्त वर्ष में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि मानी जा रही है.
रिन्यूएबल एनर्जी का बढ़ता योगदान
इस वृद्धि में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही. कुल 39,657 मेगावाट क्षमता रिन्यूएबल सेक्टर से जुड़ी, जिसमें 34,955 मेगावाट सोलर और 4,613 मेगावाट विंड एनर्जी शामिल है.
पिछले साल से ज्यादा तेज ग्रोथ
इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में ऊर्जा क्षमता में 34,054 मेगावाट की वृद्धि हुई थी, जबकि इस साल यह आंकड़ा उससे काफी ज्यादा रहा, जो पावर सेक्टर में तेजी को दर्शाता है.
भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026
सरकार की ओर से नई दिल्ली के यशोभूमि में 19 से 22 मार्च के बीच भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 आयोजित किया जा रहा है. यह पावर और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की एक बड़ी वैश्विक कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन है.
ट्रांसमिशन नेटवर्क भी हुआ मजबूत
सरकार ने केवल उत्पादन क्षमता ही नहीं बढ़ाई, बल्कि ट्रांसमिशन और ट्रांसफॉर्मेशन सिस्टम को भी मजबूत किया है. नए सबस्टेशन, उन्नत ट्रांसफॉर्मर और हाई कैपेसिटी ट्रांसमिशन कॉरिडोर विकसित किए गए हैं, जिससे बिजली की सप्लाई अधिक कुशल और स्थिर बनी है.
बड़ी उपलब्धि: 5 लाख सर्किट किलोमीटर नेटवर्क
भारत का नेशनल पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क 5 लाख सर्किट किलोमीटर से अधिक का विस्तार कर चुका है. साथ ही, इसकी ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर 1,407 GVA तक पहुंच गई है.
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