LPG Supply Update: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है. मंत्रालय के अनुसार, 4 अप्रैल को एक ही दिन में 51 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जो यह दिखाता है कि मांग को पूरा करने के लिए व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है.
मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश के किसी भी वितरक के पास गैस की कमी की कोई शिकायत सामने नहीं आई है, जिससे उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है.
ऑनलाइन बुकिंग का बढ़ा चलन, 95 प्रतिशत तक पहुंची हिस्सेदारी
एलपीजी बुकिंग के तरीके में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है. अब ज्यादातर उपभोक्ता डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं. मंत्रालय के अनुसार, कुल बुकिंग में ऑनलाइन बुकिंग की हिस्सेदारी बढ़कर 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
इससे न केवल प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ी है. मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे डिजिटल माध्यमों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें और अनावश्यक रूप से गैस एजेंसी पर जाने से बचें.
डिलीवरी में पारदर्शिता के लिए नया सिस्टम, हेराफेरी पर रोक
गैस वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड प्रणाली को लागू किया गया है. इसके तहत अब 90 प्रतिशत तक डिलीवरी इसी प्रणाली से की जा रही है. गौर करने वाली बात यह है कि फरवरी में यह आंकड़ा केवल 53 प्रतिशत था, जो अब काफी बढ़ गया है. इससे फर्जी डिलीवरी और गड़बड़ी पर काफी हद तक रोक लगी है.
छोटे सिलेंडर की बिक्री में तेजी, लाखों यूनिट्स की डिलीवरी
मंत्रालय के अनुसार, 4 अप्रैल को करीब 90,000 छोटे यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर बेचे गए. वहीं 23 मार्च से अब तक कुल 6.6 लाख छोटे सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है. यह छोटे सिलेंडर खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हैं, जिन्हें कम मात्रा में गैस की जरूरत होती है या जो अस्थायी रूप से कहीं रह रहे हैं.
पहचान पत्र दिखाकर आसानी से मिल रहा छोटा सिलेंडर
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. इन्हें खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाना होगा. इस सुविधा से खासकर किरायेदारों, मजदूरों और अस्थायी निवास करने वाले लोगों को काफी राहत मिल रही है.
पीएनजी कनेक्शन को भी मिल रहा बढ़ावा
देश में पाइप के जरिए गैस पहुंचाने की व्यवस्था यानी पीएनजी को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है. मार्च महीने से अब तक 3.9 लाख से ज्यादा नए पंजीकरण हुए हैं और 3.6 लाख नए कनेक्शनों को गैस की आपूर्ति शुरू कर दी गई है. राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे घरेलू और व्यावसायिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा को और बढ़ाएं.
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रहीं, ईंधन का पर्याप्त स्टॉक
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है. साथ ही पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे आने वाले समय में किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है. घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है, ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे.
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