NFR ने FY25-26 में ट्रैक आधुनिकीकरण और सुरक्षा में नए कीर्तिमान किए स्थापित

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

NFR Railway Record 2026: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ट्रैक आधुनिकीकरण, रखरखाव और सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धियां न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ाती हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे बुनियादी ढांचे की विश्वसनीयता को भी नई मजबूती देती हैं.

एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि रेलवे ने उन्नत तकनीकों को अपनाते हुए ट्रैक सुरक्षा और निरीक्षण प्रणाली को पहले से कहीं अधिक सशक्त बनाया है.

आधुनिक तकनीक से निरीक्षण में क्रांति

2024-25 की तीसरी तिमाही में फ्लैश बट वेल्ड के परीक्षण के लिए फेज्ड एरे अल्ट्रासोनिक टेस्टिंग तकनीक की शुरुआत की गई थी, जिसे 2025-26 में बड़े स्तर पर लागू किया गया.

इस दौरान कुल 53,544 वेल्डों का परीक्षण किया गया. यह उपलब्धि दर्शाती है कि रेलवे अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीक के जरिए ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है.

ट्रैक नवीनीकरण में अभूतपूर्व बढ़त

ट्रैक नवीनीकरण के क्षेत्र में NFR ने ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है. 2025-26 में कुल 457 कम्पलीट ट्रैक रिन्यूअल यूनिट्स का काम पूरा किया गया, जो पिछले वर्ष के 343.08 यूनिट्स की तुलना में 33.07% अधिक है. इसके अलावा, 449.42 ट्रैक किलोमीटर में रेल नवीनीकरण किया गया, जो जोन के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है. स्लीपर नवीनीकरण भी 465.02 ट्रैक किलोमीटर तक पहुंच गया है, जो 502 किमी के वार्षिक लक्ष्य की दिशा में मजबूत प्रगति को दर्शाता है.

गिट्टी आपूर्ति और ट्रैक मजबूती

रेलवे ट्रैक की स्थिरता और सवारी गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए इस वर्ष 9.57 लाख घन मीटर गिट्टी (बैलास्ट) की आपूर्ति की गई, जो पिछले वर्ष के 9.01 लाख घन मीटर से करीब 6 प्रतिशत अधिक है. इससे ट्रैक की मजबूती बढ़ी है और ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है.

फिटिंग और टेंपिंग में रिकॉर्ड प्रदर्शन

ट्रैक फिटिंग नवीनीकरण में भी लक्ष्य से कहीं ज्यादा प्रगति हासिल की गई. 205 किमी के लक्ष्य के मुकाबले 299.61 किमी तक काम पूरा किया गया, जो 46.15% अधिक है. वहीं 4,312 पॉइंट्स की टेंपिंग की गई, जो 4,150 के लक्ष्य से 3.9% ज्यादा है. इससे ट्रेनों का संचालन अधिक स्मूद हुआ है और मेंटेनेंस की जरूरत कम हुई है.

स्टेशन स्तर पर सुधार और गति में इजाफा

रेलवे ने 39 स्टेशनों पर लूप लाइन की गति को 15 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटा कर दिया है. इसके अलावा, 258 टर्नआउट्स की डीप स्क्रीनिंग की गई, जिसने वार्षिक लक्ष्य को 47 प्रतिशत से ज्यादा पीछे छोड़ दिया. इससे संचालन में लचीलापन और सुरक्षा दोनों में सुधार हुआ है.

सुरक्षा निगरानी और बाड़बंदी

ट्रैक सुरक्षा निगरानी के तहत अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन तकनीक से 20,212.61 किमी ट्रैक का परीक्षण किया गया, जो 19,217 किमी के लक्ष्य से अधिक है. साथ ही 154.53 किमी सुरक्षा बाड़ (फेंसिंग) लगाई गई, जो 100 किमी के लक्ष्य से 54.53 प्रतिशत ज्यादा है. इससे अतिक्रमण रोकने और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिली है.

ट्रैक लेआउट में सुधार

एनएफआर ने 23 ट्रैक लेआउट को सफलतापूर्वक संशोधित किया, जिससे ट्रेनों के संचालन में लचीलापन और सुरक्षा दोनों में वृद्धि हुई है. इन सभी उपलब्धियों से साफ है कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे लगातार तकनीकी सुधार, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देकर अपने नेटवर्क को मजबूत बना रहा है. यह प्रयास न सिर्फ यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि माल ढुलाई और समग्र रेलवे संचालन को भी अधिक कुशल बनाएंगे.

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