NEET UG Paper Leak: पिता ने खरीदा, बेटों ने 150 छात्रों को 10-10 लाख में बेचा, अब तक मुख्य आरोपी समेत 7 गिरफ्तार

NEET UG Paper Leak: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘NEET’ में पेपर लीक के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. इस पूरे प्रकरण में जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दो भाइयों मांगीलाल बिंवाल और दिनेश बिंवाल ने अपने बेटों का इस्तेमाल बतौर ‘सप्लायर’ किया. इस मास्टरमाइंड परिवार ने नीट की तैयारी कर रहे छात्रों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर करोड़ों रुपये का सौदा किया.

30 लाख रुपये में खरीदा पेपर 

SOG और CBI की जांच में सामने आया है कि मांगीलाल का बेटा विकास और दिनेश का नाबालिग बेटा सीकर की एक निजी कोचिंग में नीट की तैयारी कर रहे थे. 26 अप्रैल को दोनों भाइयों ने 30 लाख रुपये में पेपर खरीदा और अगले ही दिन 27 अप्रैल को यह पेपर उनके बेटों तक पहुंच गया. विकास बिंवाल ने सीकर में अपने संपर्क के छात्रों की एक सूची बनाई और मोबाइल ऐप पर चैट ग्रुप के जरिए उन्हें जाल में फंसाया.

एक पेपर के बदले छात्रों से 10 लाख वसूले

छात्रों को विश्वास दिलाने के लिए विकास अपने पिता और चाचा की मंत्रियों, विधायकों और रसूखदार नेताओं के साथ तस्वीरें दिखाता था. वीडियो कॉल के जरिए अपना आलीशान फार्महाउस दिखाकर वह यह गारंटी देता था कि पेपर असली है. जांच एजेंसी SOG के पास ऐसे 150 छात्रों का विवरण है, जिन्हें यह पेपर बेचा गया था. एक पेपर के बदले छात्रों से 10 लाख रुपये वसूले गए. यह लेनदेन मुख्य रूप से कैश में हुआ. फिलहाल CBI इन सभी 150 छात्रों की भूमिका की जांच कर रही है और उनके खिलाफ भविष्य में सख्त कार्रवाई हो सकती है.

सीकर और जयपुर ग्रामीण में सर्च ऑपरेशन

पेपर लीक की भनक लगते ही SOG ने सीकर और जयपुर ग्रामीण में सर्च ऑपरेशन चलाया. सबसे पहले टीम सीकर में तैयारी कर रहे छात्र विकास तक पहुंची, जिसने पूछताछ में अपने पिता मांगीलाल और चाचा दिनेश का नाम उगल दिया. CBI अब तक इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें राजस्थान के 4 आरोपी मांगीलाल, दिनेश, विकास और यश यादव शामिल हैं. अन्य गिरफ्तारियां महाराष्ट्र के नासिक और पुणे से हुई हैं.

30 लाख में उपलब्ध कराया था पेपर 

मुख्य आरोपी यश यादव ने कथित तौर पर 30 लाख में पेपर उपलब्ध कराया था. जयपुर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर CBI इन आरोपियों को दिल्ली ले गई है, जहां उनसे आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी.

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