ISRO, NIA, DRDO और Air India को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, जांच भी शुरू

New Delhi: दिल्ली पुलिस ने देश की सबसे हाई-सिक्योरिटी वाली संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट को बम से उड़ाने की झूठी धमकी वाले ईमेल भेजने के मामले में गाजियाबाद से 36 वर्षीय निशांत त्यागी को हिरासत में लिया है. पुलिस डिजिटल सुरागों का पीछा करते हुए आरोपी तक पहुंची. निशांत त्यागी साल 2008 से एक गंभीर मानसिक बीमारी का शिकार है और उसका लंबा मेडिकल इतिहास रहा है.

हाई-सिक्योरिटी वाले ठिकानों पर बम होने का दावा

अधिकारियों ने बताया कि 29 जून को भेजे गए ईमेल में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO), न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) समेत कई हाई-सिक्योरिटी वाले ठिकानों पर बम होने का दावा किया गया था.

फ्लाइट के लिए भी धमकी भरा ईमेल

नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाने वाली एयर इंडिया की एक फ्लाइट के लिए भी धमकी भरा ईमेल भेजा गया था, जिसके बाद तुरंत सुरक्षा जांच की गई और कई एजेंसियों को अलर्ट किया गया. पुलिस ने बताया कि संबंधित सभी संस्थाओं और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया गया और सुरक्षा के तय नियमों का पालन किया गया. बाद में पता चला कि धमकियां झूठी थीं. इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और ईमेल के डिजिटल निशान का पता लगाया.

दो मेल अकाउंट्स का विश्लेषण

तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने उन दो मेल अकाउंट्स का विश्लेषण किया, जिनका इस्तेमाल ईमेल भेजने के लिए किए जाने का शक था. अधिकारियों ने बताया कि ईमेल ट्रेल की विस्तृत जांच से जांचकर्ताओं को उन अकाउंट्स से जुड़े एक मोबाइल नंबर का पता चला. तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल करते हुए पुलिस टीम ने 30 जून को संदिग्ध का पता उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के संयोग नगर में लगाया.

पहचान निशांत त्यागी के तौर पर हुई

उन्होंने बताया कि पुलिस उस जगह पहुंची और संदिग्ध जिसकी पहचान निशांत त्यागी के तौर पर हुई है, उसके घर पर पूछताछ की. पुलिस के अनुसार त्यागी ने ओपन स्कूलिंग से पढ़ाई की थी और 2010 में बैचलर डिग्री प्रोग्राम में दाखिला लिया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया. शुरुआती जांच में पता चला कि वह कथित तौर पर 2008 से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था और कई सालों से अलग-अलग मेडिकल संस्थानों में उसका इलाज चल रहा था.

लंबी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि उसके परिवार वालों ने भी पुलिस को उसकी लंबी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान फिलहाल कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामान नहीं मिला. ईमेल भेजने के पीछे का मकसद और किन हालात में उन्हें भेजा गया, इसका पता लगाने के लिए जांच जारी है. पुलिस ने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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