ममता के जले पर मरहम या नमक? आखिर कोलकाता क्यों जा रहे हैं अखिलेश यादव, जानिए असली मकसद

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Akhilesh Yadav Meet Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है और 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई है. इस बड़े राजनीतिक उलटफेर के बीच समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को कोलकाता पहुंच रहे हैं, जहां वह निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे.

यह दौरा चुनाव नतीजों के बाद किसी भी बड़े विपक्षी नेता का पहला बंगाल दौरा माना जा रहा है. ममता बनर्जी ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अखिलेश यादव उनसे मिलने आ रहे हैं और यह मुलाकात मौजूदा सियासी हालात में बेहद अहम मानी जा रही है.

मुलाकात का असली मकसद

अखिलेश यादव भले ही बंगाल चुनाव प्रचार से दूर रहे हों, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लगातार ममता बनर्जी का समर्थन किया. अब यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके पीछे बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा माना जा रहा है.

ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद खुद को “आजाद पंछी” और “आम आदमी” बताते हुए कहा है कि वह बिना किसी पद के भी जनता की सेवा करती रहेंगी. साथ ही उन्होंने INDIA गठबंधन को मजबूत करने की बात कही है. ऐसे में अखिलेश का यह दौरा विपक्षी एकजुटता को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे रहा है.

पुरानी सियासी साझेदारी

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी के बीच पिछले कई वर्षों से राजनीतिक तालमेल रहा है. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी अखिलेश के समर्थन में लखनऊ गई थीं. वहीं, अखिलेश ने भी भदोही लोकसभा सीट टीएमसी को देकर सहयोग किया था. यह मुलाकात उसी सियासी रिश्ते को आगे बढ़ाने का संकेत मानी जा रही है.

अखिलेश का BJP पर तीखा प्रहार

चुनाव परिणाम आने के बाद अखिलेश यादव ने X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि “हर फरेबी फतह की एक मियाद होती है, ये बात ही ‘सच्चाई की बुनियाद’ होती है.” इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के साथ सीआरपीएफ की कथित धक्का-मुक्की का वीडियो शेयर करते हुए बंगाल चुनाव में केंद्रीय बलों के दुरुपयोग का आरोप लगाया. उन्होंने इसकी तुलना 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव और 2024 के फर्रुखाबाद लोकसभा चुनाव से भी की.

2027 पर नजर, PDA फॉर्मूले की तैयारी

कोलकाता रवाना होने से पहले अखिलेश यादव ने लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सपा का ‘PDA’ (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूला भाजपा के खिलाफ मजबूत रणनीति साबित होगा. अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग दोहराते हुए कहा कि पहले जातीय जनगणना कराई जानी चाहिए और उसके आधार पर आरक्षण लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया कि वे वोटर लिस्ट पर नजर रखें ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके.

सियासी संदेश पर टिकी नजर

यह मुलाकात सिर्फ दो नेताओं के बीच बातचीत भर नहीं है, बल्कि आने वाले समय में विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने वाली हो सकती है. बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद INDIA गठबंधन की रणनीति और विपक्ष की एकजुटता को लेकर यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. अब सबकी नजर इस पर है कि इस मुलाकात से क्या राजनीतिक संदेश निकलता है.

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